‘विदेशों में बनती भारत की विदेश नीति’

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नई दिल्ली
भाजपा नेता जसवंत सिंह का कहना है कि देश की विदेश नीति पर चर्चा अब मुमकिन नहीं क्योंकि यह नीति दिल्ली में नहीं, बल्कि कहीं और बनती है।

विकीलीक्स के ताजा खुलासों के संदर्भ में सिंह का कहना था कि इन खुलासों में जो दस्तावेज जारी किए गए हैं वह चिंता पैदा करने वाले हैं। पाकिस्तान में बिगड़ते हालात के मद्देनजर सिंह का कहना था कि परमाणु हथियार के ‘नो-फस्र्ट यूÊा’ की जो नीति उनके विदेश मंत्री रहते बनाई गई थी, उसपर अब पुनर्विचार का वक्त आ गया है। जसवंत सिंह ने लोकसभा में विदेश मंत्रालय की अनुदान मांगों पर हो रही चर्चा की शुरुआत करते हुए यह बात कही।

सिंह ने भारत सरकार की विदेश नीति पूरी तरह अमेरिका के हाथों में जाने का आरोप लगाया। श्रीलंका के प्रति भारत के रवैए पर भी उन्होंने तीखे कटाक्ष किए। सिंह ने साफ कहा कि नेपाल व श्रीलंका में जो समस्याएं हैं, वह काफी हद तक भारत सरकार की गलत नीतियों की देन है। इस सिलसिले में उन्होंने पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी व यूपीए-एक की सरकारों को दोषी करार दिया।

सिंह ने आगाह किया कि नेपाल के प्रति आज भी भारत की नीति स्पष्ट नहीं है और वहां मई के अंत तक संविधान बनाने की प्रक्रिया पूरी नहीं हो पाई तो माओवादी फिर सत्ता में आ जाएंगे जो भारत के लिए शुभ संकेत नहीं है। पाकिस्तान के बारे में भाजपा नेता का कहना था कि अमेरिका अपनी सुविधाओं के मुताबिक नीति बदलता है और हमें अमेरिका पर निर्भर नहीं रहना चाहिए।

Posted on Mar 17th, 2011
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Posted in :  राजनीति     
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