जरूरी है अपने बच्चे को समझना

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बच्चे को हैंडल करना किसी भी पैरेंट्स के लिए आसान काम नहीं होता। सबसे पहले जरूरी है बच्चे के स्वभाव व रुचि को समझकर उससे उसके मुताबिक बिहेवियर करना। दूसरा, उसे अपना प्यार और समय देना। इस बारे में मोटिवेटर एंड रिलेशनशिप काउंसिलर डॉ. अनिल सेठी बताते हैं कि बच्चे के पालन पोषण में किन- किन बातों का ध्यान रखा जाना चाहिए, ताकि वह जीवन के सही मुकाम तक पहुंच सके :

बच्चों के सामने अपने पार्टनर से लड़ाई झगड़ा न करें। उसे यह महसूस न कराएं कि आप और आपके पार्टनर के संबंध ठीक नहीं चल रहे हैं। इससे बच्चा असुरक्षित और डरा रहता है। साथ ही, वह भी उसी अंदाज में बात करना सीख जाता है।

एक बच्चे का फेवर न करें। सर्वे के आधार पर पता चला है कि आमतौर पर पैरेंट्स दो बच्चों के बीच में एक बच्चे की साइड ज्यादा लेते हैं। इसलिए ध्यान रहे कि अगर आपके बच्चे लड़ रहे हैं, तो कभी भी एक की साइड न लें। दोनों को बराबर समझाएं।

उनकी प्रिवेसी की रिसपेक्ट करें। अगर आप अपने बच्चे से यह कहते हैं कि वह आपके रूम में सामान के साथ छेड़छाड़ न किया करे, तो आप भी उनके रूम के लिए इतनी ही प्रिवेसी बनाकर चलें। उनको यह महसूस कराएं कि एक बार वे अपने कमरे से निकल गए, तो उनके पीछे कोई भी उनकी चीजें व अलमारी चेक नहीं करेगा।

अपने बच्चे की तुलना दूसरे घर के बच्चे से न करें। दरअसल, हर बच्चा अपने में अलग होता है। उनकी खास चीज को प्रोत्साहित करें। बच्चे का जो भी सपना या लक्ष्य है, उसमें उसका साथ दें। दरअसल, कई पैरेंट्स बोल- बोलकर अपने बच्चे में हीन भावना पैदा कर देते हैं, जो उनके विकास के लिए नेगेटिव साबित होता है।

बच्चा अगर आपसे कुछ कहना चाह रहा है, तो उसे ध्यान से सुनें। कई बार ऐसा भी होता है कि वह कुछ ऐसा क्वेश्चन आपसे पूछ डालता है कि आप सुनकर सरप्राइज हो जाते हैं। ऐसे में उसे डांट डपट न करें और नहीं अवाइड करें। उससे आराम से डिस्कस करें और उसे उसके सवाल का सटीक जवाब दें।

हर बच्चा चाहता है कि उसकी भी परिवार में कोई अहमियत हो। इसके लिए वह नई- नई चीजंे ट्राई करता रहता है और चाहता है कि कोई बताए कि वह सही कर रहा है। अगर बच्चा कुछ नया सीखना चाहता है, तो उसे प्रोत्साहित करें और उसकी गलती को उसे अच्छी तरह समझाएं।

बच्चे के साथ क्वॉलिटी टाइम बिताएं। हालांकि बहुत ज्यादा समय बिताना तो संभव नहीं है, लेकिन जितना भी समय मिल रहा है, वह उसके साथ कई तरह से इंजॉय करें। वीकेंड में उसे अपने साथ घर के कामों में इनवॉल्व करें।

बच्चे के साथ आपको बहुत ज्यादा समय व एनर्जी की जरूरत होती है। अगर आप अपनी दिक्कतों से गुजर रहे हैं, तो आप बच्चे की छोटी सी बात पर गुस्सा भी हो जाते हैं। ऐसे समय में बच्चे के साथ बाहर घूमने जाएं।

बच्चे को अनुशासन सिखाएं। यह बच्चे को सेल्फ कंट्रोल में रहना सिखाता है।

बच्चे को उसके दोस्तों के सामने भला बुरा न कहें। अगर डांटना है, तो उसे कोने में ले जाएं और चुपचाप डांट दें।

बच्चे को यह महसूस करवाएं कि आप उनसे प्यार करते हैं। उसे यह अहसास कराएं कि वह आपके लिए खास है।

अगर बच्चे ने कोई गलती कर दी है, तो उसे यह न कहें कि आप गंदे बच्चे हो। इसकी जगह उसे यह बताएं कि उसने किस जगह गलती की है।

tag:NBT

Posted on Mar 17th, 2011
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Posted in :  महिला     
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