जिनको मां ने बनाया महान!

Font Size : अ- | अ+ comment-imageComment print-imagePrint

हर मां चाहती है कि उसके बच्चे कामयाबी की राह पर आगे बढ़ें, लेकिन इन मांओं ने न सिर्फ अपने बच्चे को आगे बढ़ाया, बल्कि इतनी ऊंचाई पर पहुंचा दिया कि आज जमाना उनके कदम चूमता है।

हमारे पुरुष प्रधान समाज में हमेशा से पिता की भूमिका महत्वपूर्ण रही है, लेकिन कई साहसी मांओं ने न केवल अपने हज्बंड के कंधे से कंधा मिलाकर उन्हें सहारा दिया, बल्कि अपनी पूरी फैमिली को एकजुट रखने की कोशिश की। इस तरह इन मांओं ने अपने मातृत्व को नए आयाम दिए। रिलायंस इंडस्ट्रीज के फाउंडर धीरू भाई अंबानी को कौन नहीं जानता, लेकिन उनकी सफलता के पीछे उनकी पत्नी और देश के जाने-माने इंडस्ट्रियलिस्ट मुकेश और अनिल अंबानी की मां कोकिलाबेन अंबानी के हाथ से इनकार नहीं किया जा सकता।

खासतौर पर धीरू भाई अंबानी की मौत के बाद कोकिला ने अपने दोनों बेटों को एकजुट रखने की भरपूर कोशिश की है। गौरतलब है कि अंबानी बंधुओं में अक्सर बिजनस को लेकर विवाद होता रहता है। बावजूद इसके 75 साल से ज्यादा की उम्र में भी कोकिला कभी हार नहीं मानतीं। चेहरे पर मुस्कान लिए कोकिला की आंखों में हमेशा विजन नजर आता है।

वहीं, शोमैन राज कपूर की वाइफ कृष्णा राज कपूर को भी उनकी अलग पर्सनैलिटी के लिए जाना जाता है। कृष्णा और राज के तीन बेटे रणधीर, ऋषि और राजीव कपूर व दो बेटी रीतू व रीमा कपूर हुईं। हालांकि इस बीच राज कपूर की अपनी को-स्टार्स नरगिस दत्त और वैजयंती माला से अफेयर की खबरें उड़ीं, लेकिन कृष्णा ने हमेशा बॉलिवुड की फर्स्ट फैमिली कही जाने वाली अपनी फैमिली को जोड़कर रखने की कोशिश की।

यह कृष्णा ही थीं, जिन्होंने अपने बच्चों को शो मैन की विरासत आगे बढ़ाने का मौका दिया। गौरतलब है कि राज कपूर के भाई शशि कपूर और शम्मी कपूर कृष्णा को अपनी मां की तरह मानते थे। इस साल जनवरी में कृष्णा ने दुबई में अपने बेटे-बेटियों व पोते-पोतियों के साथ दुबई में अपना 80वां बर्थडे मनाया है।

स्वर साम्राज्ञी लता मंगेशकर किसी परिचय की मोहताज नहीं हैं। उन्होंने अपने भाई-बहनों के लिए मां की भूमिका निभाई, लेकिन उनके अपने जीवन पर उनकी मां का गहरा असर है। पंडित दीनानाथ मंगेशकर और सुधामती के घर जन्मी लता मंगेशकर अपने सभी भाई बहनों में सबसे बड़ी थीं। इसलिए उन्हें इस चीज का पूरा अहसास था कि उनकी मां ने उनके भाई-बहनों आशा, हृदयनाथ, ऊषा और मीना को पालने में कितनी मेहनत की है। उनकी ममी चाहती थीं कि उनके बच्चे एक जिम्मेदार जिंदगी जीएं। इसलिए उन्होंने उन्हें जिंदगी में कभी एक चींटी भी न मारने की शिक्षा दी थी। साथ ही, उन्होंने लता समेत अपने सभी बच्चों को पूरी मानव जाति से प्रेम करने की शिक्षा दी थी। लता बताती हैं, ‘मेरी मां हमेशा मुझे उम्र की फिक्र ना करके काम पर फोकस करने की सलाह देती थीं।’ आखिरकार लता ने अपनी मां का सपना पूरा कर ही दिया।

वह कहती हैं, ‘आज मेरा बचपन का सपना पूरा हो गया है। मैं बचपन में हमेशा सपना देखती थी कि मैं बहते हुए पानी के पास हूं और पास में एक मंदिर भी है। तब मेरी मां कहती थी कि पानी का मतलब यह है कि तुम्हारे सारे सपने पूरे होंगे। आज मेरी मां की बातें सच हो गई और मेरे सारे सपने पूरे हो गए। आज मैंने सब कुछ हासिल कर लिया। यह बात और है कि इसके लिए मुझे काफी मेहनत करनी पड़ी। हम सभी भाई बहन बेहद लकी हैं कि हमें ऐसी मां मिली कि उनकी बताई राह पर चल कर आज हम इतनी कामयाबी हासिल कर सके।’ लता मंगेशकर ने भी अपनी मां की राह पर चलकर अपने छोटे भाई बहनों का पूरा ख्याल रखा और उन्हें कामयाबी की राह पर आगे बढ़ाया।

Posted on Sep 28th, 2010
SocialTwist Tell-a-Friend
Posted in :  महिला     
Subscribe by Email

Leave a comment

Type Comments in Indian languages (Press Ctrl+g to toggle between English and Hindi OR just Click on the letter)


विदेश

राज्य

महिला

अपराध

ब्यूटी