नई पेंशन स्कीम टैक्स बचाने का जरिया

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नई दिल्ली।। डायरेक्ट टैक्स कोड (डीटीसी) के लागू हो जाने के बाद नई पेंशन योजना (एनपीएस) टैक्स

बचाने के उद्देश्य से एक अच्छा निवेश विकल्प हो सकती है, क्योंकि डीटीसी ने एनपीएस को सेक्शन 80सी के तहत शामिल करने का प्रस्ताव रखा है।

एनपीएस के लिए एक टायर वन अकाउंट खोलना पड़ता है और इसमें रिटायर होने तक नियमित अंशदान करना पड़ता है। रिटायर करने के समय निवेशक अपनी कुल पेंशन राशि का 60 फीसदी एकमुश्त ले सकता है।

बाकी 40 फीसदी राशि उसे किसी बीमा कंपनी की एक वार्षिक योजना में निवेश करना होता है। इससे निवेशक को मासिक, त्रैमासिक, अर्द्धवार्षिक या सालाना आधार पर नियमित रकम बतौर पेंशन मिलती रहती है।

18 से 55 साल का कोई भी व्यक्ति एनपीएस अकाउंट खोल सकता है। रिटायर करने की उम्र 60 वर्ष रखी गई है। वैसे, निवेशक चाहे तो इससे पहले भी इस योजना से निकल सकता है, लेकिन ऐसा करने वाले को कुल पेंशन रकम का 80 फीसदी वार्षिक योजना में निवेश करना होता है और बाकी 20 फीसदी रकम वह एकमुश्त ले सकता है।

निवेशक के पास टायर 2 अकाउंट खोलने का भी विकल्प है जिसमें वह स्वैच्छिक बचत कर सकता है, लेकिन इसके लिए पहले टायर वन अकाउंट होना आवश्यक है।

एनपीएस की निगरानी के लिए सरकार ने पेंशन फंड रेगुलेटरी एंड डिवेलपमेंट अथॉरिटी (पीएफआरडीए) स्थापित किया है। निवेशक इसकी वेबसाइट से या पॉइंट ऑफ प्रजेंस (पीओपी) से रजिस्ट्रेशन फॉर्म प्राप्त कर सकते हैं। देश में 22 रजिस्टर्ड पीओपी हैं जिनकी शाखाओं से फॉर्म और अन्य सेवाएं प्राप्त की जा सकती हैं।

पीओपी में फॉर्म जमा कराने के बाद सेंट्रल रेकॉर्डकीपिंग एजेंसी (सीआरए) निवेशक को एक परमानेंट रिटायरमेंट अकाउंट नंबर (पीआरएएन) मुहैया कराता है। निवेशक को एक टेलिफोन पासवर्ड और इंटरनेट पासवर्ड भी प्रदान किया जाता है। इनके जरिये निवेशक अपने खाते में बारे में पूरी जानकारी प्राप्त कर सकते हैं।

रजिस्ट्रेशन के वक्त निवेशक को न्यूनतम 500 रुपये या सालाना आधार पर 6000 रुपये निवेश करना होता है। उसे तीन महीने में कम-से-कम एक बार अंशदान करना होता है। वैसे, इस पर कोई पाबंदी नहीं है कि वह साल में कितनी बार निवेश करे।

निचले तबके के लोगों के लिए सरकार ने ‘स्वावलंबन’ नामक एक आकर्षक योजना पेश की है। इसके तहत सरकार 2010-11 में एनपीएस खाता खोलने वाले हर निवेशक के खाते में अगले तीन साल तक 1000 रुपये प्रति वर्ष डालेगी। लेकिन यह लाभ उन्हीं खाताधारकों को मिलेगा जिनका न्यूनतम अंशदान 1000 रुपये या 12,000 रुपये सालाना होगा।

पीएफआरडीए ने वर्तमान में पेंशन फंड मैनेजमेंट के लिए सात कंपनियों को अधिकृत किया हुआ है, जिसमें एलआईसी, एसबीआई, यूटीआई, आईडीएफसी, आईसीआईसीआई, रिलायंस और कोटक शामिल हैं। निवेशक को यह चुनने का विकल्प भी दिया जाता है कि उनके निवेश को इक्विटी, ऋण और बैलेंस्ड फंडों में किस अनुपात में निवेश किया जाए, लेकिन इक्विटी में अधिकतम 50 फीसदी ही निवेश किया जा सकता है।

Posted on Sep 28th, 2010
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Posted in :  व्यापार     
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