घर को रंगों से सजाना

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घर को रंगों से सजाना कोई आसान काम नहीं। इससे पहले जरूरी है कि आप रंगों के रचनात्मक पहलू के साथ उसकी संयोजना के बारे में भी अच्छी तरह जान लें। आप कितना भी प्रयास क्यों न कर लें, कहीं-न-कहीं मन इस बात पर कचोटता रहता है कि कुछ कमी रह गई। घर उदास लग रहा है, घर में स्पेस कम दिख रहा है, आत्मीयता की कमी है व घर की बहुत सी महत्वपूर्ण चीजें उभर कर नहीं आ रहीं।

वैसे बहुत सी परेशानियों का हल है रंगों के संयोजन में। आपके भरे कमरे को खाली दिखाने व खाली कमरे को भरा दिखाने में भी रंग संयोजन ही काम करता है। रंग, निश्चित रूप से हर परेशानी का हल नहीं हैं लेकिन सजावट में अहम भूमिका अदा कर सकने की साम‌र्थ्य रखते हैं।

पसंद सबकी अलग-अलग

हम वास्तव में सभी रंगों से प्यार करते हैं, क्योंकि हर रंग की अपनी विशिष्टताएं हैं। फिर भी सबकी पसंद अलग-अलग होती है। हममें से जो पेस्टल व हलके रंगों की छत्रछाया में पले-बढे होते हैं, उन्हें गहरे व तीखे रंगों की कल्पना भी किसी सदमे से कम नजर नहीं आती। तो कुछ को सफेद रंग से चिढ होती है। उन्हें ऐसा लगता है कि जैसे अस्पताल में आ गए। उदासी व बेजारी का रंग लगता है वह उन्हें। बेज और क्रीम कलर प्राय: सभी के द्वारा स्वीकार किए जाते हैं, उन्हें तो विश्व स्तर पर भी मान्यता मिली है। रंग, आपके प्रतिदिन के जीवन में रहता है, वह आपको संतोष देता है, प्रेरणा देता है, जिंदगी देता है, टोन डाउन करता है और सहयोगी वातावरण उत्पन्न करता है। वह रंग ही है, जो आपके कमरे की कम जगह को भी व्यापक विस्तार देता है। इसलिए अगर आप अपने घर को सही रंगों के चयन से सजाएं तो आनंद और सुकून तो आपको मिलेगा ही आपके व्यक्तित्व की खूबी भी उजागर होगी। सबसे महत्वपूर्ण यह है कि रंग भावुक होते हैं, यही वजह है कि आम इंसान अपने घर से जुडा होता है। यदि आप भी अपने घर को सजाने जा रहे हैं तो रंगों के चयन में सावधानी बरतें और कुछ सवाल अपने आप से पूछें -

कितना बडा कमरा है?

कमरा छोटा होने पर गहरे रंगों का इस्तेमाल कमरे को और छोटा लुक देता है, जब कि हलके रंग की दीवारें उसे बडा दिखने में मदद करती हैं।

कमरे का क्या उपयोग है?

उस कमरे में आप कितना समय बिताते हैं, यह भी देखें। बाथरूम या हॉल, जहां कम समय बीतता है, उन जगहों पर आप गहरे रंग इस्तेमाल कर सकते हैं। आप कमरे को कैसा देखना चाहते हैं, इससे ज्यादा यह महत्वपूर्ण है कि आप उस कमरे में कैसा एहसास चाहते हैं। रंग केवल देखने के लिए नहीं होते। उनमें गजब की भावनात्मक शक्ति होती है। इस संबंध में हुई शोध बताती हैं कि रंग लोगों के निर्णय व प्रतिक्रिया तक पर असर डालते हैं। जैसे नीला रंग ठंडक का एहसास कराने वाला रंग है, आपके तनाव व चिंता को कम करता है, लाल जैसे वॉर्म कलर सुस्त चाल चलते हैं और येलो आपकी तेजी को और तेज करता है। कलर थेरेपी आपका मजबूत हथियार है, इसलिए संभल कर अपने घर की कलर प्लानिंग करें।

कमरे में प्रकाश व्यवस्था कैसी चाहती हैं आप?

लाइट हमेशा रंगों से एक्टीवेट होती है और हर तरह से आपके व्यक्तित्व को प्रभावित करती है। आप घर में कैसी प्रकाश व्यवस्था चाहती हैं, रंगों का चयन इस पर भी निर्भर करता है। इसके लिए घर की कलरिंग से पहले किसी विशेषज्ञ से राय लेना जरूरी होता है।

कितना एक्सपोजर है?

इसके साथ ही कमरे में नैचरल लाइट आने की पूरी व्यवस्था बनानी चाहिए। यदि कमरे में खुलापन है तो रंगों की संयोजना आप मनचाही रख सकते हैं।

कौन से रंग आपको स्वत: प्रभावित करते हैं?

कुछ रंगों से आप अपने आप प्रभावित होते हैं यह जानना बहुत जरूरी है कि वे कौन से रंग हैं और आप किन रंगों के बीच सुकून महसूस करते हैं। अपने को कुछ पसंदीदा रंगों के घेरे में रख कर देखिए जवाब मिल जाएगा।

रंग और उनकी खासियतें

1. ग्रीन

सबसे अच्छा लगता है प्रकृति के बीच रहना। इस रंग की यह खासियत है कि यह वॉर्म के साथ कूल फीलिंग भी देता है। इसमें इतनी साम‌र्थ्य है कि यह कमरे की कलर थीम को एकसाथ जोड देता है, जो अन्य कोई रंग नहीं कर सकता। हरा रंग सदाबहार रंग है। मन को सुकून देने वाले इस रंग से जीवंतता भी मिलती है। इसीलिए किचेन को ग्रीन रखने पर साफ-सुथरा व फ्रेश लुक आता है।

2. ब्ल्यू

अपने पर निर्भर करने वाला और आकाश की तरह परिवर्तित होते रहने वाला रंग। अधिकतर ठंडक देने वाली जगह पर इसका प्रयोग होता है। यह रंग शांति देता है व तनाव से दूर होने में मददगार है। इसलिए ज्यादातर बेडरूम में इस रंग का प्रयोग होता है।

3. ऑरेंज

वाइब्रेंट और उत्तेजित करना वाला रंग है। कुछ जगह सभ्यता भी दिखाता है, लेकिन उत्तेजित व्यवहार को प्रदर्शित करता है। मित्रता व अनुकूलता का द्योतक रंग है। ताजगी देने वाला रंग है। ड्राइंग रूम में इसका प्रयोग करें, लेकिन ध्यान रखें कि गहरा होने पर यह रंग थकावट का एहसास कराता है। आधुनिक लाइफ स्टाइल में इंटीरियर के लिए पीले, नारंगी या केसरिया रंग का हलकी टोन में ज्यादा इस्तेमाल हो रहा है। रस्ट और ऑरेंज के मेल से ब्राउन बनता है, यह निपुणता, तेज और पौरुष को दर्शाता है। अधिकतर लाइब्रेरी में इस रंग का प्रयोग होता है।

4. येलो

शांत व वॉर्म का रंग है। सूरज की तरह ऊर्जा का रंग है। ड्राइंग रूम में यदि पीला रंग इस्तेमाल करें तो बेहतर होगा। सुखद गर्माहट का एहसास कराने वाला रंग। जिन कमरों में सूरज की रोशनी न पहुंच रही हो वहां इस रंग का इस्तेमाल बेहतर रहता है। पीले के साथ थोडा सा लाल रंग का मिश्रण जिस तरह आभा का सृजन करता है वह सार्वभौमिक प्रभाव उत्पन्न करता है।

5. रेड

आकर्षित करने वाला रंग है। यह ऊर्जा, उत्तेजना व तेज का प्रतीक रंग है। इस रंग का प्रयोग करने वाले व्यक्ति ज्यादा सक्रिय व साहसी होते हैं। स्वागत व सत्कार के इस रंग को ज्यादातर स्वागत कक्ष या लॉबी में प्रयोग किया जाता है।

6. वॉयलेट

स्वप्न की तरह भव्य है यह रंग। वैभव व आराम, ऐश्वर्य और शालीनता का एहसास कराने वाला रंग। गेस्ट रूम या ड्राइंग रूम में प्रयोग करना बेहतर है।

7. व्हाइट

शांति और सादगी का प्रतीक है यह रंग। हर समय और हर जगह के लिए बिना हिचक प्रयोग किया जाने वाला रंग। घर के किसी भी कमरे में इसका प्रयोग किया जा सकता है। इसके साथ किसी भी अन्य रंग का मेल आसानी से हो जाता है। सफेद और इसकी फैमिली के अन्य रंग न्यूट्रल शेड भी प्रचलन में हैं। स्पेस ज्यादा दिखने में मदद करता है।

बेसिक कलर थीम क्या है?

रंगों पर हुई रिसर्च बताती है कि कलर व्हील में जो रंग एक-दूसरे के विपरीत आते हैं, वे एक-दूसरे को सहयोग करेंगे। रंगों की संयोजना से पहले कलर व्हील को समझना जरूरी है। इसे समझ कर ही आप जान पाएंगे कि कलर थीम क्या रखें।

बेसिक नियमों का ध्यान रखें

मोनोटोनी

एक ही रंग का इस्तेमाल करें लेकिन उसके पैटर्न और टेक्सचर के अंतर पर ध्यान जरूर दें।

मोनोक्रोमेटिक

जिस न्यूट्रल कलर को आप चुनते हैं, उसके ऊपर व नीचे वाले रंग के साथ कॉम्बिनेशन बनाएं। यह भव्य व परिष्कृत रुचि को दर्शाता है।

कॉम्प्लीमेंट्री

कलर व्हील में जो दो रंग एक-दूसरे के एकदम विपरीत हों उन्हें इस्तेमाल करें, जैसे वॉयलेट को येलो के साथ प्रयोग करें। रंगों का यह सबसे एक्साइटिंग प्रयोग है।

एनालौगस

कलर व्हील के वॉर्म साइड या कूल साइड के दो से तीन रंगों को मिला कर प्रयोग करें। वार्म के साथ वॉर्म व कूल के साथ कूल का मिश्रण करें। ये सबसे सहज व ठंडक देने वाली थीम है।

ट्राएडिक

त्रिकोण के तीनों रंग ले सकते हैं।

टेट्राडिक

कलर व्हील के स्क्वैयर व रैक्टेंगल के रंग प्रयोग कर सकते हैं। वास्तव में रंगों का संसार अनोखा है। कलर का चयन पूरे तौर पर कस्टमर की सोच और नजरिए पर निर्भर करता है। ट्रेंड पर भी यही सोच निर्भर करती है।

Posted on Mar 19th, 2011
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Posted in :  घर - परिवार     
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