अमेरिका से हो सकेगा एंडरसन का प्रत्यर्पण, मिली इजाजत

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नई दिल्ली,
तीस हजारी कोर्ट ने भोपाल गैस त्रासदी मामले में यूनियन कार्बाइड कॉरपोरेशन के पूर्व चेयरमैन वारेन एंडरसन के अमेरिका से प्रत्यर्पण की इजाजत दे दी है। सीबीआइ ने एंडरसन के प्रत्यर्पण के लिए मंगलवार को मुख्य महानगर दंडाधिकारी विनोद यादव की अदालत में याचिका दायर की थी। जिसमें अदालत से एंडरसन के प्र‌र्त्यपण का अनुरोध किया गया था। बुधवार को सुनवाई के दौरान कोर्ट ने प्रत्यर्पण के लिए सीबीआइ को इजाजत दे दी। एंडरसन 1984 के भोपाल गैस काड का आरोपी है जिसमें 15 हजार लोग मारे गए थे।

सीएमएम विनोद यादव ने कहा कि ‘समूचे तथ्य पर गहराई से विचार करते हुए और दुर्घटना से प्रभावित लोगों की भावनाओं को ध्यान में रखते हुए मैं इसे उचित और न्याय के हित में मानता हूं कि उसका (एंडरसन) प्रत्यर्पण किया जाए।’ सुनवाई के दौरान उन्होंने कहा कि कानून में अमेरिकी अधिकारियों से एंडरसन के प्रत्यर्पण की माग करने में कोई रुकावट नहीं है।

सीबीआइ ने मंगलवार को सीएमएम के सामने एंडरसन के प्रत्यर्पण के लिए 33 पन्नों की याचिका दायर की थी जिसमें उसने एंडरसन को भोपाल गैस कांड का आरोपी बताया था और मुकदमे की कार्यवाही के लिए देश लाने की बात कही थी। अमेरिका से एंडरसन का प्रत्यर्पण होने के बाद भोपाल की अदालत में उस पर मुकदमा चलाया जाएगा, जो गैस त्रासदी के बाद से लंबित है। भोपाल गैस कांड को लेकर एंडरसन पर भारतीय दंड संहिता की धारा 304 और 326 के तहत मुकदमा लंबित है। 26 साल पहले घटित हुई विश्व की सबसे भयंकर गैस त्रासदी ने पूरे देश और दुनिया को हिला कर रख दिया था। 1993 से यह मामला भोपाल के मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी की कोर्ट में चल रहा है। हादसे के बाद एंडरसन को 7 दिसंबर 1984 को गिरफ्तार किया गया था लेकिन भोपाल की अदालत से जमानत मिलने के बाद वह अमेरिका चला गया और फिर कभी भारत नहीं लाया जा सका।

Posted on Mar 23rd, 2011
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Posted in :  ब्रेकिंग न्यूज, राज्य     
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