भारत-पाक के बीच समस्याओं का हल जंग नहीं

Font Size : अ- | अ+ comment-imageComment print-imagePrint

इस्लामाबाद। पाकिस्तानी प्रधानमंत्री यूसुफ रजा गिलानी ने बुधवार को कहा कि भारत और पाकिस्तान के बीच मौजूद समस्याओं का हल जंग नहीं है।

गिलानी ने उम्मीद जताई कि दोनों देशों के बीच होने जा रही गृह सचिव स्तर की वार्ता से विश्वास में कमी दूर होगी तथा शाति प्रक्रिया को आगे बढ़ाने के लिए एक ठोस आधार तैयार होगा।

पाकिस्तानी प्रधानमंत्री ने पाकिस्तान के दौरे पर आए भारत के एक शाति शिष्टमंडल से कहा कि जंग समाधान नहीं हैं, पाकिस्तान और भारत के बीच संबंध सुधारने का जरिया सिर्फ वार्ता है। इस शाति शिष्टमंडल का नेतृत्व जाने माने पत्रकार कुलदीप नैयर कर रहे हैं।

गिलानी ने कहा कि पाकिस्तान सरकार सभी लंबित मुद्दों का शातिपूर्वक हल करने के लिए अपने भारतीय समकक्ष के साथ काम कर रही है। उन्होंने कहा कि उन्हें बहुत उम्मीद है कि आगामी वार्ता विश्वास में कमी को दूर करेगी और शाति प्रक्रिया को आगे बढाने के लिए एक ठोस आधार तैयार करेगी।

गिलानी ने विवादास्पद मुद्दों पर ध्यान केंद्रित करने और व्यापार को बढ़ावा देने, आर्थिक संबंध को बेहतर बनाने, खुफिया जानकारी को साझा किए जाने, खेल तथा सास्कृतिक सहयोग को बढ़ावा देने के लिए वार्ता प्रक्रिया को लगातार जारी रखने की जरूरत की बात कही।

पाकिस्तानी प्रधानमंत्री ने दोनों देशों के नागरिकों के बीच संपर्क बढ़ाने और संसदीय शिष्टमंडल की आवाजाही की अपील की। उन्होंने कहा कि पीपीपी नीत सरकार की पहली वरीयता पाकिस्तान की अवाम की भलाई है, लेकिन देश में शाति और स्थायित्व नाजुक स्थिति में है।

उन्होंने कहा कि इसलिए भारत के साथ पाकिस्तान दोस्ताना, सहयोगी और अच्छे पड़ोसी देश का संबंध कायम करने की इच्छा रखता है। गिलानी ने कहा कि उनके पूर्वजों ने अविभाजित भारत की आजादी की लड़ाई में और भारत-पाकिस्तान के बीच दोस्ताना संबंधों के लिए अहम योगदान दिया है।

पाकिस्तानी प्रधानमंत्री की यह टिप्पणी नई दिल्ली में 28 मार्च को दोनों देशों के बीच गृह सचिव स्तर की होने जा रही वार्ता से पहले आई है। इस वार्ता को 2008 के मुंबई हमलों के बाद दोनों देशों के बीच रुकी पड़ी शाति प्रक्रिया को औपचारिक रूप से बहाल किए जाने की दिशा में एक अहम कदम के तौर पर देखा जा रहा है।

भारत और पाकिस्तान हाल ही में वार्ता के पूर्ण स्वरूप को बहाल करने पर रजामंद हुए हैं। गिलानी ने इस बात का जिक्र किया कि गृह सचिव स्तर की इस वार्ता में आतंकवाद और मादक द्रव्यों की तस्करी के मुद्दों पर चर्चा होगी।

भारत के वाणिज्य सचिव अप्रैल के अंत में इस्लामाबाद के दौरे पर जाएंगे। इसके साथ कुछ अन्य रणनीतिक वार्ता के जरिए विदेश सचिव स्तर की वार्ता का मार्ग प्रशस्त होगा, जिसके बाद दोनों देशों के विदेश मंत्रियों के बीच जुलाई में नई दिल्ली में वार्ता होगी।

पाकिस्तान में विदेश मंत्री का पद खाली है और विदेश राज्य मंत्री हिना रब्बानी खार फिलहाल प्रधानमंत्री की निगरानी में यह विभाग देख रही हैं। गिलानी ने भारतीय शिष्टमंडल को आश्वस्त किया कि पाकिस्तान आगमी वार्ताओं में सार्थक रुख के साथ शामिल होगा।

Posted on Mar 23rd, 2011
SocialTwist Tell-a-Friend
Posted in :  विदेश     
Subscribe by Email

Leave a comment

Type Comments in Indian languages (Press Ctrl+g to toggle between English and Hindi OR just Click on the letter)


विदेश

राज्य

महिला

अपराध

ब्यूटी