जबरदस्ती लिखवाया गया कबूलनामा :असीमानंद

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अजमेर. दरगाह समेत देश के अन्य हिस्सों में हुए बम ब्लास्ट के मास्टर माइंड बताए जा रहे स्वामी असीमानंद उर्फ नबकुमार सरकार ने मंगलवार को यह कहकर सनसनी फैला दी कि जांच एजेंसियों ने उस पर दबाव डाल कर कबूलनामा करवाया था। असीमानंद ने सीबीआई, एनआईए और राजस्थान एटीएस पर प्रताड़ित करने का आरोप लगाया है।

असीमानंद ने सीजेएम आरएल मूंड के समक्ष अर्जी दायर कर कहा कि उसकी ओर से दरगाह ब्लास्ट में सरकारी गवाह बनने के लिए जो चिट्ठी दी गई है, उसे वह वापस लेना चाहता है। असीमानंद का कहना है कि एटीएस ने दबाव डालकर उसे सरकारी गवाह बनाने का प्रयास किया है। अदालत ने अर्जी पर सुनवाई के लिए 8 अप्रैल की पेशी तय की है।एटीएस ने मामले में चारों आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट पेश करने के लिए मोहलत मांगी है।

असीमानंद ने तीन पेज की इस अर्जी में यह भी कहा है कि सीबीआई के बाद  एनआईए ने भी उसे बयान देने के लिए विवश किया। उसने कहा कि राजस्थान एटीएस ने उस पर दबाव डालकर सरकारी गवाह बनने के लिए जेल से चिट्ठी लिखवाई। सरकारी एजेंसियों ने वकील भी नियुक्त नहीं करने दिया।

असीमानंद से मिलने की उमा भारती को नहीं दी इजाजत

मध्यप्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री एवं भारतीय जनशक्ति पार्टी की राष्ट्रीय अध्यक्ष उमा भारती को जिला प्रशासन ने असीमानंद से मुलाकात की इजाजत नहीं दी। उमा भारती ने बताया कि असीमानंद के स्वास्थ्य के बारे में जानकारी के लिए वे उनसे मिलना चाहती थीं।27 मार्च को उन्होंने जेल अधीक्षक को पत्र लिखकर कानूनी रूप से मुलाकात की अनुमति मांगी थी।

मौखिक अनुमति के आधार पर वे असीमानंद से मिलने के लिए भोपाल से रवाना हुईं थीं।लेकिन असीमानंद की किसी अन्य व्यक्ति से मुलाकात होने से उनकी मुलाकात नहीं हो सकी। उन्होंने कलेक्टर से अनुमति मांगी थी, लेकिन उन्होंने अनुमति नहीं दी।

Posted on Mar 30th, 2011
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Posted in :  बड़ी खबर     
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