राष्ट्रमण्डल खेलों को सरकारी कम्पनीयों ने भी लुटा

Font Size : अ- | अ+ comment-imageComment print-imagePrint

भ्रष्टाचार में घिरे राष्ट्रमंडल में ठेकों का खेल अनोखा था। बात सिर्फ आयोजन समिति व दूसरी एजेंसियों की ओर से मनमाने तरीके से दिए गए ठेके और ठेकेदारों की कमाई तक सीमित नहीं थी। टीम कलमाड़ी के साथ मिलकर सार्वजनिक उपक्रम टीसीआइएल (टेलीकम्युनिकेशन कंसलटेंट इंडिया लिमिटेड) ने भी अपनी जेबें भरीं।

छोटे-छोटे ठेकेदारों में ठेका बांट कर इस कंपनी ने सरकारी खजाने से 9 फीसदी कमीशन ले लिया। दूरसंचार विभाग के मातहत सार्वजनिक कंपनी टीसीआइएल को खेल नेटवर्क के जरूरी केबल, वायस ओवर टेलीफोनी, नेटवर्क सिस्टम, कंप्यूटर हार्डवेयर, प्रिंटर, कॉपियर जैसे सामानों की आपूर्ति का जिम्मा दिया गया था। शुरुआत में कंपनी को चार ठेके दिए गए थे, लेकिन बाद में संख्या बढ़ाकर 13 कर दी गई।

टीसीआइएल दूसरी छोटी कंपनियों को इसका ठेका देकर कुल कीमत का 9 फीसदी कमीशन वसूल रही थी। दरअसल जरूरी आपूर्ति के लिए जिस तरह ठेकेदारों के नीचे ठेकेदार काम कर रहे थे उससे कीमत कई गुना बढ़ गई। टीसीआइएल के खाते में उन बढ़ी हुई कीमतों का 9 फीसदी कमीशन जाना था। शुंगलू जांच समिति ने इस कंपनी के साथ करार को गैर वाजिब बताया है, लेकिन यह कंपनी टीम कलमाड़ी की इतनी पसंदीदा थी कि इसे कामकाज में इसे पूरी छूट दे दी गई थी। महासचिव ललित भनोट ने अक्टूबर 2009 में कंपनी के साथ करार किया तो इसका पता आयोजन समिति तकनीकी मामले को देख रहे अधिकारी तक को नहीं था।

गौरतलब है कि सार्वजनिक उपक्रम के कामकाज का एक मापदंड होता है, लेकिन करार हुआ तो उसे आयोजन समिति के नियम कायदों और दिशा निर्देशों से मुक्त रखा गया। बल्कि टीसीआइएल को कहा गया कि जब तक बहुत जरूरी न हो तीसरी कंपनी को दिए गए ठेके और कामकाज के बारे में आयोजन समिति को शामिल करने की जरूरत नहीं है।

शुंगलू रिपोर्ट कई बार मनी सिंड्रोम की बात कर चुकी है। टीसीआइएल की नियुक्ति ने भी इसे पुष्ट किया। गौरतलब है कि खुद आयोजन समिति में तकनीकी मामलों के लिए 75 लोगों की एक टीम थी। फिर भी टीसीआइएल को इकतरफा अनुबंध देकर मोटा पैसा खर्च किया गया।

Posted on Apr 6th, 2011
SocialTwist Tell-a-Friend
Posted in :  भ्रस्टाचार     
Subscribe by Email

Leave a comment

Type Comments in Indian languages (Press Ctrl+g to toggle between English and Hindi OR just Click on the letter)


विदेश

राज्य

महिला

अपराध

ब्यूटी