इंफोसिस का खुलासा अफसरों ने मांगी थी रिश्वत

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बेंगलूर : देश की मशहूर सॉफ्टवेयर कंपनी इंफोसिस के शीर्ष अधिकारी टी वी मोहनदास पई ने आरोप लगाया है कि सरकारी अधिकारियों ने उनकी परियोजनाओं की स्वीकृति के बदले रिश्वत मांगी थी लेकिन कंपनी ने इंकार कर दिया था।

जब रिश्वत हाथ नहीं आई तो अधिकारियों ने कह दिया कि फाइल गुम हो गई है। हालांकि भाजपा को यह नागवार गुजरा। उसने कहा है कि आरोपों के साथ सुबूत भी सामने लाए जाने चाहिए। पई ने कहा, हमें रिश्वत देने को कहा गया, हमने मना कर दिया। जहां भी आज इंफोसिस काम कर रही है वहां के मुख्य सचिवों ने हमें सहयोग दिया।

उत्तर भारत में भी हमारी परियोजनाएं बगैर एक रुपये घूस दिए स्वीकृत हुई। ऐसा इस वजह से कि हमने इस मुद्दे को बड़े अधिकारियों के संज्ञान में लाया। यदि हम लोगों की तरह आप घूस देने से इंकार कर देते हैं तो काम में विलंब होता है। पई इंफोसिस के मानव संसाधन निदेशक हैं। उन्होंने शनिवार को कहा, वे (नौकरशाह) जरा भी ध्यान नहीं देते। फाइल गुम हो जाती है.. या फाइल उपलब्ध नहीं है..। फाइल कहां है वे यह भी नहीं बता पाते।

उन्होंने कहा कि प्रस्तावित लोकपाल विधेयक हालात को बदलने के लिए बहुत लंबा रास्ता तय करना होगा। पई की टिप्पणी पर तीव्र प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कर्नाटक में सत्तारूढ़ भाजपा ने रविवार को कहा कि उन्हें अपने दावों के समर्थन में कुछ प्रमाण देना चाहिए।

भाजपा के प्रवक्ता शाहनवाज हुसैन ने नई दिल्ली में कहा, कुछ खास लोग और कुछ राजनीतिक दल आरोप लगा रहे हैं इसका मतलब यह नहीं है कि वे आरोप सही हैं। उन आरोपों के साथ पर्याप्त सुबूत भी होने चाहिए। हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि भ्रष्टाचार को किसी भी रूप में बर्दाश्त नहीं किया जाना चाहिए।

Posted on Apr 11th, 2011
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Posted in :  ब्रेकिंग न्यूज     
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