भट्ट के बाद प्रदीप शर्मा चमके, मोदी के खिलाफ

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निलंबित आईएएस अधिकारी प्रदीप शर्मा ने आरोप लगाया है कि गुजरात में वर्ष 2002 के दंगों के दौरान उन्हें मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी के दफ्तर से फोन पर कहा गया था कि वह अपने भाई आईपीएस अधिकारी कुलदीप शर्मा को दंगाइयों के खिलाफ कार्रवाई नहीं करने के लिए कहें।

वर्ष 2002 में गोधरा ट्रेन काड के बाद भड़के दंगों के समय जामनगर के निगम आयुक्त के तौर पर कार्यरत प्रदीप फिलहाल एक भूमि घोटाले के मामले में जेल में हैं। उन्होंने विशेष जाच दल [एसआईटी] के प्रमुख आर.के. राघवन को लिखे पत्र में यह आरोप लगाया है और एजेंसी के समक्ष बयान देने की पेशकश की है।

उनके पत्र से कुछ दिन पहले ही वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी संजीव भट्ट ने अपने हलफनामे में दंगों के दौरान तत्काल कार्रवाई नहीं करने में मोदी की भूमिका होने का आरोप लगाया था।

प्रदीप ने अपने पत्र में एसआईटी के समक्ष उस अधिकारी का नाम बताने की पेशकश की है जिसने मोदी के दफ्तर से उन्हें फोन किया था। प्रदीप कच्छ में एक भूमि घोटाले के सिलसिले में फिलहाल भुज की जेल में बंद हैं।

Posted on Apr 25th, 2011
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Posted in :  ब्रेकिंग न्यूज     
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