बालाकृष्णन के भ्रष्टाचार पर सीबीआई

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सर्वोच्च न्यायालय के पूर्व मुख्य न्यायाधीश केजी बालाकृष्णन पर आय से अधिक संपत्ति को लेकर ही सवाल नहीं उठ रहे हैं। तत्कालीन मुख्य न्यायाधीश के खिलाफ केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआइ) के चेन्नई स्थित भ्रष्टाचार निरोधक प्रकोष्ठ को दो शिकायतें प्राप्त हुईं थी।

परीक्षण के बाद एक शिकायत आगे की कार्रवाई के लिए दिल्ली स्थित मुख्यालय भेज दी गई। दूसरी शिकायत में लगाए गए आरोपों की पुष्टि नहीं हो सकी। सीबीआइ के भ्रष्टाचार निरोधक प्रकोष्ठ (एसीबी) ने सूचना अधिकार कार्यकर्ता सुभाष अग्रवाल की याचिका के जवाब में यह खुलासा किया है।

अग्रवाल ने सीबीआइ से जानकारी मांगी थी कि उसके पास सर्वोच्च व उच्च न्यायालयों के सेवानिवृत्त न्यायाधीशों के खिलाफ कितने मामले दर्ज हैं और उनमें क्या कार्रवाई हुई। सीबीआइ ने कहा है कि उसे बालाकृष्णन के खिलाफ दो शिकायतें मिली थीं। परीक्षण के बाद एक शिकायत को आगे की कार्रवाई के लिए दिल्ली मुख्यालय भेज दिया गया।

सीबीआइ ने आरटीआइ की गोपनीयता संबंधी धारा 8 (1) जी का हवाला देते हुए बालाकृष्णन के खिलाफ दर्ज शिकायत से संबंधित दस्तावेजों का विस्तृत विवरण देने से इंकार कर दिया। जांच एजेंसी ने एक अन्य सवाल के जवाब में कहा है कि अभी तक सर्वोच्च और देश के किसी भी उच्च न्यायालय के न्यायाधीश को दोषी या दंडित नहीं किया गया है।

सीबीआइ ने सर्वोच्च न्यायालय के एक अन्य पूर्व मुख्य न्यायाधीश वाईके सब्बरवॉल के खिलाफ की गयी शिकायत मामले से भी किनारा कर लिया। एजेंसी ने कहा, वरिष्ठ अधिवक्ता प्रशांत भूषण द्वारा 26 नवंबर 2007 को दर्ज शिकायत को केंद्रीय सतर्कता आयोग को भेज दिया गया है। एजेंसी ने इस मामले में भी आरटीआइ कानून के तहत कोई अन्य जानकारी देने से इंकार कर दिया।

Posted on Apr 26th, 2011
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Posted in :  न्याय और प्रशाशन     
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