अशोक चौहाण से आदर्श घोटले में होगी पूछताछ..?

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मुंबई। आदर्श सोसाइटी घोटाले में कई आरोपियों से पूछताछ के बाद अब महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक चव्हाण की बारी है जिनसे सीबीआई जल्द ही पूछताछ कर सकती है क्योंकि सीबीआई जल्द ही इस मामले की जाच को खत्म करना चाहती है।

सीबीआई दस्तावेजों की जाच और हाउसिंग सोसाइटी के रिकार्ड की जाच करने पर अच्छा खासा वक्त दे रही है। उसने आदर्श सोसाइटी के महासचिव आर सी ठाकुर, सेवानिवृत्त ब्रिगेडियर एम एम वाचू और काग्रेस नेता के एल गिडवाणी समेत आरोपियों से विस्तार से पूछताछ की है।

इन लोगों को इसलिए पूछताछ के लिए पहले बुलाया गया ताकि चव्हाण और वरिष्ठ आईएएस अधिकारी जयराज फाटक को पूछताछ के लिए बुलाए जाने से पहले मामले के बारे में ज्यादा से ज्यादा सूचना इकट्ठा की जा सके।

महाराष्ट्र कैडर के 1978 बैच के आईएएस अधिकारी फाटक उस वक्त मुंबई नगर निगम [बीएमसी] के आयुक्त थे और आदर्श सोसाइटी के निर्माण के लिए गठित समिति के अध्यक्ष थे।

सीबीआई के अनुसार चव्हाण राजस्व मंत्री के अपने कार्यकाल के दौरान ठाकुर, वाचू और गिडवाणी के साथ उस वक्त आपराधिक साजिश का हिस्सा बने जब उन्होंने तीनों को एक पत्र को पारित करवाने का प्रस्ताव दिया जिसमें आदर्श सोसाइटी में असैन्य लोगो को भी शामिल किए जाने की अनुशसा हो। आदर्श सोसाइटी में पहले कारगिल युद्ध में शहीद हुए सैन्यकर्मियों की विधवाओं और युद्ध पीड़ितों को फ्लैट देने का प्रावधान था।

सीबीआई ने आरोप लगाया कि चव्हाण ने अपने रिश्तेदारों के लिए फ्लैट हासिल करने के मकसद से अपने आधिकारिक पद का दुरुपयोग किया।

पूर्व मुख्यमंत्री ने उन खबरों का भी खडन किया जिसमें कहा गया है कि उनकी सास भगवती शर्मा ने पूर्व संयुक्त पुलिस आयुक्त [यातायात] संजय बर्वे से 65 लाख रुपए का कर्ज लिया था। चव्हाण ने कहा कि यह कुछ राजनैतिक प्रतिद्वंद्वियों द्वारा मीडिया में फैलाया गया 100 फीसदी गलत समाचार है। न तो मैंने और न ही मेरे किसी रिश्तेदार ने पुलिस अधिकारी से धन लिया है।

सीबीआई मामले की जाच को 31 मई तक समाप्त करने के लिए युद्धस्तर पर जाच कर रही है। सीबीआई को रक्षा मंत्रालय ने इस मामले की जाच की जिम्मेदारी सौंपी थी।

सीबीआई अधिकारी ने कहा कि जाच को खत्म करने के लिए हमने 31 मई की संभावित अंतिम समयसीमा निर्धारित की है। लेकिन ऐसा लगता है कि समयसीमा बढ़ जाएगी क्योंकि कई जाच अधिकारी या तो जाच आयोग को रिपोर्ट सौंपने के लिए दस्तावेज तैयार करने में व्यस्त हैं या बंबई उच्च न्यायालय में दायर अनेक याचिकाओं का जवाब तैयार करने में व्यस्त हैं।

Posted on May 1st, 2011
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Posted in :  बड़ी खबर     
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