प्रज्ञा ने किया जमानत का अनुरोध

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नई दिल्ली। मालेगांव बम विस्फोट मामले में प्रमुख आरोपी साध्वी प्रज्ञा सिंह ठाकुर ने गुरुवार को सुप्रीम कोर्ट से कहा कि उन्हे जमानत पर रिहा किया जाना चाहिए क्योंकि उनकी गिरफ्तारी संवैधानिक अधिकारों का उल्लंघन है। ज्ञात हो कि वर्ष 2008 में हुए बम विस्फोट में छह लोगों की मौत हो गई थी।

साध्वी ने न्यायालय से कहा कि उन्हे किस आधार पर गिरफ्तार किया गया उसके बारे में उन्हे जानकारी नहीं दी गई। इसके अलावा उन्हे अपने वकील से परामर्श और बचाव करने के अधिकार से इंकार किया गया।

संवैधानिक प्रारूपों का हवाले देते हुए साध्वी ने कहा कि किसी भी गिरफ्तार व्यक्ति को सूचित किए बगैर हिरासत में नहीं रखा जा सकता। यदि ऐसा होता भी है तो उसे अपनी पसंद का वकील रखने और परामर्श करने के अधिकार से वंचित नहीं किया जा सकता।

वरिष्ठ वकील महेश जेठमलानी ने साध्वी के पक्ष को न्यायालय के समक्ष रखा।

न्यायमूर्ति जे.एम. पंचाल एवं न्यायमूर्ति एच.एल. गोखले की खंडपीठ ने कहा कि यदि हम इस दलील को मान लेते है तब प्रत्येक आरोपी संविधान के अनुच्छेद 22 [1] के तहत जमानत के लिए सुप्रीम कोर्ट पहुंचने लगेगा।

जेठमलानी ने न्यायालय से कहा कि साध्वी मालेगांव विस्फोट में संलिप्त नहीं थीं क्योंकि उन्हे विस्फोटकों के बारे में कोई जानकारी नहीं थी।

Posted on Aug 19th, 2011
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Posted in :  अपराध     
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