मुम्बई हमला और ओसामा के पीछे पाकिस्तानी सेना :गिलानी

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पाकिस्तान के प्रधानमंत्री यूसुफ रजा गिलानी ने चीनी मीडिया को दिए साक्षात्कार में सेना प्रमुख अश्फाक परवेज कयानी और आइएसआइ प्रमुख अहमद शुजा पाशा पर निशाना साधकर राजनीतिक तूफान खड़ा कर दिया है।

यह खबर दुनियाभर के मीडिया में जंगल की आग की तरह फैली, लेकिन जिस चीनी मीडिया को उन्होंने यह साक्षात्कार दिया उसने गिलानी का बयान अभी तक प्रकाशित नहीं किया है। बहरहाल, इस समय पाकिस्तान में तख्तापलट की खबरों का बाजार बेहद गर्म है।

ऐसे समय में गिलानी का एक और बयान सामने आ गया है। पाक प्रधानमंत्री ने यह बयान दिसंबर में दिया था। इसमें उन्होंने कयानी और पाशा से पूछा था-ओसामा बिन लादेन को पाकिस्तान आने का वीजा किसने दिया?

इसी दिन गिलानी ने पहली बार सेना पर सरकार के खिलाफ साजिश रचने का आरोप भी लगाया था। इस बयान को मीडिया ने प्रमुखता के साथ प्रकाशित किया, लेकिन इसी बयान का दूसरा हिस्सा-लादेन को वीजा किसने दिया, कहीं दिखाई नहीं दिया।

सबसे पहले चीनी अखबार की बात करते हैं। पीपुल्स डेली ऑनलाइन को दिए साक्षात्कार में गिलानी ने कहा था कि सेनाध्यक्ष अश्फाक परवेज कयानी और आइएसआइ प्रमुख शुजा पाशा ने मेमोगेट मामले में सरकार की अनुमति के बगैर सर्वोच्च न्यायालय में जवाब दिए। जो गैर-कानूनी और असंवैधानिक है।

इस्लामाबाद में स्थित बीबीसी संवाददाता हफीज चाचड़ के मुताबिक गिलानी के बयान की जानकारी पाकिस्तान की समाचार एजेंसी एसोसिएटेड प्रेस ऑफपाकिस्तान (एपीपी) के जरिए सरकारी टेलीविजन पी-टीवी पर दिखाई गई। इसके बाद इसे अन्य चैनलों और अगले दिन सभी प्रमुख अखबारों में छापा गया।

साक्षात्कार के बाद पाकिस्तान की सेना की ओर से बयान जारी किया गया। अब गिलानी के लादेन से जुड़े बयान की बात करते हैं। इसमें उन्होंने पाकिस्तान के सेना प्रमुख पर पलटवार करते हुए पूछा था कि सेना और आइएसआइ में से किसने ओसामा बिन लादेन को वीजा जारी किया था?

इससे पहले वर्ष 2011 की शुरुआत में गिलानी ने सेना और आइएसआइ का बचाव करते हुए अमेरिका पर आरोप लगाया था कि अफगानिस्तान युद्ध के दौरान संयुक्त राष्ट्र ने ही पाला-पोसा था। उन्होंने कहा था कि अलकायदा को पाकिस्तान ने नहीं बल्कि अमेरिका ने पैदा किया।

गिलानी ने पाकिस्तान की संसद में पूछा था-ओसामा कौन है? और क्या चीज है?

मई 2011 में गिलानी ने ओसामा की पाकिस्तान में मौजूदगी के लिए अमेरिका को जिम्मेदार ठहराया था। उस दौरान उन्होंने अमेरिका को चेतावनी तक दे डाली थी कि अगर उन्होंने ऐसा एक भी और अभियान चलाया, तो उन्हें पाकिस्तानी सेना से दो-चार होना पड़ेगा। उस समय वह ओसामा प्रशासन की ओर से आइएसआइ पर लगाए गए आरोप का जवाब दे रहे थे।

दरअसल, ओबामा प्रशासन के अधिकारियों ने आशंका जताई थी कि आइएसआइ को ओसामा की पाकिस्तान में मौजूदगी के बारे में पता था। मौजूदा समय में कयानी के खिलाफ खड़े गिलानी ने सेनाप्रमुख कयानी की सेवा को तीन साल का विस्तार देने के तत्काल बाद कहा था कि पाकिस्तान के राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, मुख्य न्यायाधीश और सेना प्रमुख वर्ष 2013 में होने वाले अगले चुनाव तक मिल-जुलकर काम करते रहेंगे, लेकिन अचानक उन्होंने यू-टर्न लिया और पाक सेना पर बरस पड़े। गिलानी ने ओसामा को पनाह देने और मुंबई हमलों के पीछे पाक सेना का हाथ होने तक की पुष्टि कर डाली।

Posted on Jan 13th, 2012
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Posted in :  विदेश     
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