खराब फल गिराने को पेड़ न गिरा दें : राष्ट्रपति प्रतिभा देवी सिंह

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देश में हर बात पर शंका की बढ़ती प्रवृत्ति पर चिन्ता का इजहार करते हुए राष्ट्रपति प्रतिभा देवी सिंह पाटिल ने कहा कि हो सकता है हमारी संस्थाएं दोषरहित न हों, लेकिन इन्हीं संस्थाओं ने कई चुनौतियों का सामना किया है।

इनमें किसी भी बदलाव के लिए सतर्कता जरूरी है। संस्थाओं में सुधार करते समय हमें इस बात का ध्यान रखना होगा कि खराब फलों को गिराने के लिए पेड़ को इतना भी न हिला दिया जाए कि पेड़ ही नीचे आ गिरे।

राष्ट्रपति का इशारा संभवत: घोटालों और भ्रष्टाचार के खिलाफ देश में सिविल सोसाइटी द्वारा छेड़े गए जनांदोलन की तरफ था। 63वें गणतंत्र दिवस की पूर्वसंध्या पर राष्ट्र के नाम संदेश में राष्ट्रपति ने कहा कि देश की समस्याओं का समाधान बातचीत के जरिए होना चाहिए।

इसमें हिंसा के लिए कोई जगह नहीं है। नकारात्मकता और अस्वीकार्यता अपनी नियति की ओर बढ़ते एक गतिशील देश का रास्ता नहीं हो सकतीं। हमारी संसद ने नई राहें निकालने वाले कई कानून बनाए। हमारी सरकारों ने जनता की प्रगति और कल्याण के लिए योजनाएं बनाईं। हमारी न्यायपालिका की एक सम्मानजनक स्थिति है और हमारी मीडिया ने भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।

उन्होंने उम्मीद जताई कि देशहित की भावना, राष्ट्रीय महत्व के मुद्दों पर चर्चा होगी और अलग-अलग पक्षों के बीच समाधान निकलेगा। इससे हमारे लोकतंत्र की जडे़ं और देश की आधारशिला मजबूत होगी। उन्होंने कहा कि हम ऐसी दुनिया में रह रहे हैं, जो पेचीदा और चुनौती भरी है।

वैश्वीकरण की ताकतों ने परस्पर जुड़ी और एक दूसरे पर आश्रित दुनिया तैयार की है। कोई देश अलग-थलग नहीं है। हर मुल्क बाहरी घटनाक्रम से लगातार प्रभावित हो रहा है। तेज गति से विकास के लक्ष्य को हासिल करना है तो हमें सामाजिक आर्थिक कार्यक्रमों पर आगे बढ़ने का प्रयास करना होगा।

इसके लिए गरीबी, भूख, कुपोषण, बीमारी और निरक्षरता को दूर करना हमारी पहली प्राथमिकता होनी चाहिए। राष्ट्रपति ने कहा कि देश की अधिकांश आबादी युवा है। शिक्षा और प्रशिक्षण देकर उन्हें रोजगार या खुद का व्यवसाय शुरू करने योग्य बनाना होगा।

मानव संसाधन को विकसित करने के लिए स्वास्थ्य और शिक्षा क्षेत्र को मजबूत करना होगा। स्कूली शिक्षा के प्रसार के कारण उच्च शिक्षा संस्थानों की संख्या में वृद्धि करनी होगी। ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं में बढ़ोत्तरी करनी होगी। जनता को कम खर्चे पर चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध करानी होगी।

Posted on Jan 26th, 2012
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Posted in :  बड़ी खबर     
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