कांग्रेस ने भी माना मोदी ने विकास तो किया

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गुजरात के मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी की धुर विरोधी कांग्रेस ने चुनावी वर्ष में मोदी को विकास का श्रेय देकर सद्भावना का उदाहरण पेश किया है। 63वें गणतंत्र दिवस के मौके पर गुजरात प्रदेश कांग्रेस की ओर से जारी विज्ञापन में मोदी को सफल संगठक के साथ नर्मदा बांध की ऊंचाई बढ़ाने और जैव प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में विकास का श्रेय दिया गया है। लेकिन, इसमें अच्छे प्रशासन, सड़क, बिजली और पानी के जिक्र से बचा गया है।

दो पेज के इस विज्ञापन में प्रत्येक गुजराती को विकास पुरुष बताते हुए राज्य के प्रथम मुख्यमंत्री जीवराज मेहता से लेकर नरेंद्र मोदी तक के कार्यकाल की उपलब्धियों का बखान किया गया है। विज्ञापन में गुजरात के औद्योगिक विकास और नर्मदा बांध समेत देश का मैनचेस्टर कहे जाने वाले अहमदाबाद के विकास की गाथा है।

राज्य में इस साल के अंत में विधानसभा चुनाव होने हैं। इसके बावजूद अपने सबसे बड़े विरोधी मुख्यमंत्री मोदी को विकास का श्रेय देकर कांग्रेस ने सद्भावना का अनूठा उदाहरण पेश किया है। कांग्रेस ने विज्ञापन में मोदी को कुशल संगठनकर्ता और चुनावी रणनीति का माहिर खिलाड़ी बताया है। चुनावी मौसम में कांग्रेस को यह विज्ञापन भारी भी पड़ सकता है क्योंकि समय आने पर मोदी इसे अपने पक्ष में भुना सकते हैं।

कांग्रेस अब तक मोदी पर भ्रष्टाचार, खराब प्रशासन और तानाशाह होने का आरोप लगाती रही है। विज्ञापन के जरिये कांग्रेस ने यह संदेश देने की कोशिश जरूर की है कि गुजरात के विकास में अकेले मोदी का योगदान नहीं है। इसमें कहा गया है कि प्राचीन हड़प्पा संस्कृति से ही गुजरात व्यापार और विकास में आगे रहा है।

कांग्रेस यहां गुजरात की जीवनदायिनी परियोजना माने जाने वाले सरदार सरोवर बांध का श्रेय लौहपुरुष सरदार पटेल, प्रथम प्रधानमंत्री जवाहर लाल नेहरू, पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी और राजीव गांधी को भी देना नहीं भूली है। मोदी से पहले जनता दल और कांग्रेस की संयुक्त सरकार में मुख्यमंत्री रहे चिमन भाई पटेल और माधवसिंह सोलंकी के विकास कार्यो की लंबी फेहरिस्त भी पेश की गई है।

लेकिन, मोदी को पानी, बिजली, उद्योग, देशी-विदेशी निवेश के साथ अंतरराष्ट्रीय फलक पर गुजरात को पहचान दिलाने का श्रेय देने से कांग्रेस बचती दिखी है। विज्ञापन में मोदी पर राज्य की जनता पर आधा दर्जन उत्सवों का बोझ डालने का आरोप जरूर लगाया गया है।

विज्ञापन के संबंध में कांग्रेस का कहना है कि हम गुजरात के विकास की झांकी पेश करना चाहते हैं। साथ ही जनता को इस बात से भी अवगत कराना चाहते हैं कि प्रदेश का विकास अकेले मोदी के दम पर नहीं है। गौरतलब है कि इससे पहले 1 मई, 2010 को गुजरात स्थापना की स्वर्ण जयंती पर खुद मोदी विधानसभा का विशेष सत्र बुलाकर इस तरह का प्रयास कर चुके हैं। उन्होंने तब सभी मुख्यमंत्रियों को विकास का बराबर श्रेय दिया था।

Posted on Jan 26th, 2012
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Posted in :  राजनीति     
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