आईआईटी कैंपस में फर्जी इंजीनियर बनाने की ‘फैक्‍ट्री’

Font Size : अ- | अ+ comment-imageComment print-imagePrint

कोलकाता. देश के सबसे प्रतिष्ठित प्रौद्योगिकी संस्थाओं में से एक इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नॉलॉजी(आईआईटी), खड़गपुर का एक वरिष्ठ प्रोफेसर परिसर से ही फर्जी इंस्टीट्यूट चला रहा था। उसने कई विद्यार्थियों को इंजीनियर बनाने का झांसा देकर लाखों रुपए वसूले। आरोपी अमित कुमार घोष एयरोस्पेस इंजीनियरिंग का प्रोफेसर है और कुछ समय पहले तक संस्था का मुख्य सतर्कता अधिकारी था। वह लंबे समय से इस काले धंधे में लगा हुआ था।

आईआईटी खड़गपुर देश के सबसे बेहतर संस्थानों में शुमार है। लेकिन यहां के प्रोफेसर ने इस पर दाग लगा दिया। यहां के कुछ छात्रों ने आईआईटी के संचालक दामोदर आचार्य को एक पत्र में बताया कि घोष इंस्टीट्यूट ऑफ इलेक्ट्रिकल इंजीनियर्स नाम की फर्जी संस्था चला रहा है। वह यहां से इंजीनियरिंग की डिग्री देने का झांसा देता है। हद तो यह थी कि उसने परिसर में ही इसका दफ्तर खोल रखा है। फर्जी संस्था के आईआईटी परिसर में ही स्थित होने से कोई शंका भी नहीं करता था।

उसने परिसर में ही छात्रों की इस साल भी प्रवेश परीक्षा भी आयोजित की और सभी से कोर्स करवाने के लिए 27,000 रुपए जमा कराए। प्रवेश के लिए हुई परीक्षा में आरोपी ने आईआईटी प्रोफेसर की सील लगाई है।

घोष कई सालों से इस काले धंधे में लगा हुआ था और कई छात्रों को फर्जी डिग्री बांट चुका है। उसने डिग्री को आईआईटी खड़गपुर से अनुमोदित होने की बात कही है, जो पूरी तरह गलत है। डिग्री में दावा किया गया है कि यह भारत और विदेशों में भी मान्य है।

अब पुलिस इस मामले की जांच कर रही है। आईआईटी ने भी अपने स्तर पर इसकी जांच शुरु कर दी है। यहां के एक वरिष्ठ प्रोफेसर ने माना कि इस घटना से इस संस्थान की प्रतिष्ठा पर आंच आई है।

Posted on Oct 19th, 2010
SocialTwist Tell-a-Friend
Posted in :  अपराध, ब्रेकिंग न्यूज     
Subscribe by Email

Leave a comment

Type Comments in Indian languages (Press Ctrl+g to toggle between English and Hindi OR just Click on the letter)


विदेश

राज्य

महिला

अपराध

ब्यूटी