महंगा कच्‍चा तेल नहीं, टैक्‍स है महंगे

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नई दिल्ली. पेट्रोल की कीमत में एक बार फिर (6 महीने में 5वीं बार) बढ़ोतरी हो गई है। भारत पेट्रोलियम यानी बीपीसीएल ने मंगलवार आधी रात से ही पेट्रोल के दाम 2.95 रुपये प्रति लीटर बढ़ा दिए हैं। बाकी कंपनियां भी बुधवार आधी रात से दाम बढ़ा देंगी। पेट्रोल के दामों में हुई इस ताजा बढ़ोतरी के बाद दिल्ली में इसकी कीमत 55.87 रुपये, मुंबई में 60.31 रुपये, कोलकाता में 59.77 और चेन्नई में 60.44 रुपये प्रति लीटर हो जाएगी।  

दरअसल, एक बैरल कच्चे तेल की अंतरराष्ट्रीय कीमत आज ८७.७६ अमेरिकी डॉलर (करीब 4000 रुपये) प्रति बैरल है। एक बैरल में करीब १५८ लीटर होते हैं। इस हिसाब से एक लीटर कच्चे तेल की कीमत करीब 25 रुपये हुई। इसमें रिफाइनिंग चार्ज और रिफाइनरी का कैपिटल कॉस्ट के रूप में करीब साढ़े छह रुपये जोड़ने पर इसकी कीमत करीब ३१ रुपये बैठी। साफ है कि एक लीटर पेट्रोल-डीजल के दाम में आधा से ज़्यादा हिस्सा टैक्स है जो राज्य सरकारें अपने-अपने हिसाब से तय करती हैं। यही वजह है कि हर राज्य में तेल की कीमतों में फर्क होता है। 
 
पेट्रोल या डीजल पर टैक्‍स या ड्यूटी नहीं लगता तो क्‍या होता? तो पेट्रोल करीब 30 रुपये प्रति लीटर में मिलता, जो ताजा बढ़ोतरी के बाद करीब 60 रुपये प्रति लीटर हो गया है। पेट्रोल खरीदते वक्त हर लीटर के लिए जो रकम आप चुकाते हैं, उसका बड़ा हिस्सा टैक्स होता है। पेट्रोल के बेसिक प्राइस पर एक्‍साइज ड्यूटी, कस्‍टम ड्यूटी (कच्‍चे तेल पर अलग, पेट्रेाल पर अलग), एजूकेशन टैक्‍स (सेस), वैट तो  लगता ही है। इसके बाद डीलर का कमीशन और ट्रांसपोर्टेशन चार्ज जोड़ कर पेट्रेाल का दाम बेसिक प्राइस की तुलना में दोगुने से भी ज्‍यादा पहुंच जाता है।

दिल्ली में हर एक लीटर के दाम का ४८.६ फीसदी हिस्सा बतौर कर चुकाया जाता है। अगर यह टैक्स न हो तो ताज़ा बढ़ोतरी के बाद भी आप तेल का आधा दाम (दिल्ली में करीब ५१.४ फीसदी की दर से) यानी ५५.८७ रुपये प्रति लीटर की जगह २९-३० रुपये प्रति लीटर की ही दर से चुका रहे होते। डीजल पर डीज़ल पर दिल्ली में कुल टैक्स २९.२ फीसदी है।

दिल्ली में प्रति लीटर ईंधन में टैक्स (फीसदी में) का ढांचा

पेट्रोल
कस्टम ड्यूटी               ३.२ फीसदी
एक्साइज ड्यूटी            १४.७ फीसदी
स्टेट वैट                      १६.७ फीसदी

बिना टैक्स का दाम     ५१.४ फीसदी

डीज़ल

कस्टम ड्यूटी                     ४.८
एक्साइज ड्यूटी                 ४.७४
स्टेट वैट                           ४.४३

बिना टैक्स के दाम कुल मूल्य का ७०.८ फीसदी

सबसे सस्ता पेट्रोल वेनेजुएला और महंगा पूर्वी अफ्रीका में 

देश   पेट्रोल की प्रति लीटर कीमत (लगभग भारतीय मुद्रा में)

भारत                55.87 रुपए
चीन                 45.00 रुपए
पाकिस्तान        31.43  रुपए
नेपाल               49.87   रुपए
श्रीलंका             63.96    रुपए
यूएई                18.40   रुपए
सउदी अरब      5.71  रुपए
यूएसए            26.98   रुपए
ऑस्ट्रेलिया      43.84  रुपए
जर्मनी            67.07  रुपए  
वेनेजुएला       28.00 रुपए
पूर्वी अफ्रीका  113.00 रुपए

ऐसा क्‍यों

किसी भी देश में ईंधन की कीमतें वहां कच्चे तेल की उपलब्धता पर निर्भर करती हैं। जिन देशों में तेल उत्पादन और शोधन की व्यवस्था होती है, वहां दूसरे देशों की तुलना में दाम कम होते हैं।

जिन देशों में ऑयल फील्ड होते है वहां कीमतें नियंत्रित होती हैं। इसी तरह, किसी भी देश में ऑयल रिफाइनरियों की उपलब्धता से भी तेल की कीमतों पर असर पड़ता है। उस देश में यदि तेल उत्पादकों में प्रतियोगिता छिड़ जाए तो वहां कीमतें और गिर जाती हैं। जिस देश में जितनी ज्यादा रिफाइनरी होती हैं, तेल उत्पादन कंपनियों में उतनी ही स्पर्धा होती है और कीमतें कम होती हैं।

जिन देशों में ईंधन पर कर ज्यादा होता है, वहां दाम बढ़ते हैं। कई आर्थिक विशेषज्ञ मानते हैं कि ज्यादा दाम लेकर सरकार आम जनता को बेहतर सुविधाएं मुहैया करवाती हैं। वे नॉर्वे को इसका उदाहरण बताते हैं। पर भारत के मामले में यह बात कितनी सच है, यह आप जानते हैं (और नीचे कमेंट बॉक्‍स में लिख कर पूरी दुनिया को बता भी सकते हैं)

पेट्रोल-डीजल बचाने का अच्‍छा उपाय है कार पूल

कार पूल सर्विस ईंधन, समय और धन बचाने की काफी प्रभावी व्यवस्था है। इसके तहत एक ही स्थान या उसके आस-पास जाने वाले कुछ व्यक्ति एक ही वाहन का इस्तेमाल करते हैं। सभी व्‍यक्ति बारी-बारी से अपनी कार या बाइक का इस्‍तेमाल करते हैं और इस तरह उनका पैसा बचता है और पेट्रोल-डीजल की भी खासी बचत हो जाती है। यदि एक ही वाहन उपलब्ध है तो पूल में शामिल व्यक्ति ईंधन और रखरखाव का खर्च आपस में बांट सकते हैं। इस सिस्टम से प्रदूषण पर भी नियंत्रण पाया जा सकता है और ट्रैफिक की मुश्किलों से भी राहत पाई जा सकती है। 

आजकल कई वेबसाइट्स भी इसमें मदद करती हैं। इन साइट्स पर नाम और स्थान के उल्लेख के साथ कई व्यक्तियों की जानकारी मिलेगी, जो कार पूल में दिलचस्पी रखते हैं। उनसे संपर्क कर, पूल की शुरुआत की जा सकती है।  

आपकी राय
6 महीने में 5वीं बार पेट्रेाल के दाम बढ़े हैं। इसी तरह दाम बढ़ते रहे तो आम जनता का क्‍या होगा? क्‍या इसका असर हर चीज की महंगाई पर नहीं पड़ेगा? अगर हां, तो आप इससे कैसे निपटेंगे? कार/बाइक छोड़ बस-ऑटो-मेट्रो की सवारी करेंगे या फिर कार/बाइक पूलिंग कम्‍यूनिटी ज्‍वॉयन करेंगे या अपना बाकी निजी खर्च कम कर पेट्रोल का बिल भरेंगे? पेट्रोल की आग लगाती कीमतों पर आप अपनी राय नीचे कमेंट बॉक्‍स में लिख कर सबमिट करें। 

Posted on Dec 15th, 2010
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