भारत प्रमुख आर्थिक साझेदार है- वेन जियाबाओ

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दुनियाभर के अर्थजगत में भारत के तेजी से बढ़ते कदम को देखकर अब चीन ने भी यह मान लिया है कि भारत, चीन का प्रतिद्वंद्वी नहीं बल्की प्रमुख आर्थिक साझेदार है। दरअसल चीन के प्रधानमंत्री वेन जियाबाओ का मौजूदा भारत दौरा, आर्थिक लिहाज से काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। और यही वजह है कि वेन जियाबाओ अपने इस दौरे को काफी महत्व दे रहे हैं। वे अपने 400 उद्योगपतियों और अधिकारियों के साथ भारत आए हैं।

चीन के सहायक विदेश मंत्री हू झेंग्यू ने भी कहा है कि चीन और भारत के सम्बंध काफी महत्वपूर्ण हैं। दोनो देशों के नेता तेजी से बढ़ती इन दोनों अर्थव्यवस्थाओं को विकास के पर्याप्त अवसर दिलाने के उद्देश्य को लेकर सहमत भी हैं।

माना जा रहा है कि वेन के मौजूदा भारत दौरे के दौरान कुल 2000 करोड़ डॉलर के व्यापारिक समझौते हो सकते हैं। चीन की तरफ से इस बात के भी संकेत दिए गए हैं कि वह भारत के फार्मा और आईटी उद्योग के लिए अपने दरवाजे पूरी तरह खोल देगा। लेकिन इसके साथ ही चीन यह भी उम्मीद कर रहा है कि भारत की तरफ से भी व्यापारिक मोर्चे पर बड़ी पहल करते हुए चीन के प्रोफेशनल्स के लिए, वीजा नियमों को आसान बना दिया जाए। ताकि वहां के प्रोफेशनल्स आसानी से भारत में रहकर काम कर सकें। आपको बता दें कि फिलहाल चीन के प्रोफेशनल्स के लिए वीजा नियमों में आंशिक प्रतिबंध लगा हुआ है।

 वेन गुरुवार को प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के साथ आधिकारिक वार्ता करेंगे। इस दौरान दोनों देशों के बीच आधारभूत संरचना, दूरसंचार और ऊर्जा के क्षेत्र में कई समझौते किए जा सकते हैं। उधर चीन के वाणिज्य मंत्रालय के एशियाई मामलों के उप निदेशक लियांग वेनजाओ ने उम्मीद जताई है कि गुरुवार को व्यापार, नवीनीकृत ऊर्जा, आधारभूत संरचना और वित्तीय क्षेत्र में द्विपक्षीय सहयोग के कई समझौतों पर हस्ताक्षर हो सकते हैं।

Posted on Dec 15th, 2010
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Posted in :  व्यापार     
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