कर्नाटक में भी प्लांट लगाने की तैयारी में पॉस्को

Font Size : अ- | अ+ comment-imageComment print-imagePrint

दक्षिण कोरियाई इस्पात कंपनी पॉस्को ने उड़ीसा में अपने 12 अरब डॉलर के स्टील प्रॉजेक्ट को पर्यावरण मंत्रालय से सशर्त मंजूरी मिलने के एक दिन बाद ही भारत में अपने दूसरे कारखाने की योजना पेश कर दी।

कर्नाटक के प्रधान सचिव (वाणिज्य एवं उद्योग) वी. पी. बालिगर के मुताबिक, पॉस्को ने राज्य के गडग जिले के हल्लीगुडी को 60 लाख टन के अपने प्रस्तावित प्लांट के लिए चुना है। इसमें लगभग 32,000 करोड़ रुपए का निवेश होने का अनुमान है।

कर्नाटक में पॉस्को के अलावा आर्सेलर मित्तल, भूषण स्टील, एस्सार और एनएमडीसी की भी स्टील प्लांट लगाने की योजना है।

बालिगर ने बताया कि पॉस्को ने प्लांट लगाने के लिए 3,000 एकड़ जमीन की मांग की है और इसके लिए उसने कर्नाटक औद्योगिक विकास बोर्ड के पास शुरुआती रकम जमा करा दी है। राज्य सरकार अब जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया शुरू करेगी।

पॉस्को ने पहले ही एक कैप्टिव आयरन ओर माइन की लीज के लिए आवेदन कर दिया है। कर्नाटक सरकार ने नए लाइसेंस के लिए बोलियां मंगाई थीं।

कर्नाटक अपने यहां स्टील कंपनियों को प्लांट लगाने के लिए प्रोत्साहित करता रहा है। जिन कंपनियों ने राज्य में प्लांट लगाने के संकेत दिए हैं, उनके लिए सरकार ने कैप्टिव आयरन ओर माइनिंग लीज की जरूरत का कम से कम 30-35 फीसदी पूरा करने का आश्वासन दिया है।

कर्नाटक नई आयरन ओर माइनिंग लीज में प्राथमिकता देकर स्टील उद्योग के लिए राज्य में बेहतर अवसर उपलब्ध कराने का प्रयास कर रहा है। नई माइनिंग नीति में सरकार ने स्पष्ट कहा है कि नई माइनिंग लीज उन कंपनियों को दी जाएंगी, जो वैल्यू एडीशन कर रही हैं।

आर्सेलर मित्तल भी कर्नाटक के बेल्लारी में 60 लाख टन उत्पादन क्षमता वाला स्टील प्लांट लगा रही है और इसके लिए कंपनी ने 4,000 एकड़ से अधिक जमीन का अधिग्रहण शुरू कर दिया है। बालिगर ने कहा कि राज्य सरकार इस वर्ष मार्च तक कम से कम 1,500 एकड़ का अधिग्रहण कर पाएगी, जिससे आर्सेलर मित्तल अपना निर्माण कार्य शुरू कर सकेगी।

आर्सेलरमित्तल के जमीन अधिग्रहण करने से लगभग 1,400 किसान प्रभावित होंगे और इनमें से लगभग 10 फीसदी ने पहले ही मुआवजे की रकम स्वीकार कर ली है।

भूषण स्टील भी बेल्लारी में 60 लाख टन क्षमता का प्लांट लगाने की योजना बना रही है और कंपनी ने इसके लिए 4,000 एकड़ जमीन मांगी है। इस प्रस्तावित प्लांट में देरी हो रही है क्योंकि इसकी लोकेशन जंगली भालुओं के एक अभयारण्य के पास है और वन्यजीव कार्यकर्ता इसे 100 एकड़ दूर ले जाने की मांग कर रहे हैं।

कर्नाटक सरकार को जून, 2010 में बंगलुरु में आयोजित ग्लोबल इनवेस्टर्स मीट के दौरान लौह एवं इस्पात उद्योग के लिए दो लाख करोड़ रुपए के निवेश प्रस्ताव मिले थे। अभी राज्य सरकार नए स्टील प्लांट लगाने के लिए कोई नए आवेदन स्वीकार नहीं कर रही।

दक्षिण कोरियाई इस्पात कंपनी पॉस्को ने उड़ीसा में अपने 12 अरब डॉलर के स्टील प्रॉजेक्ट को पर्यावरण मंत्रालय से सशर्त मंजूरी मिलने के एक दिन बाद ही भारत में अपने दूसरे कारखाने की योजना पेश कर दी।

कर्नाटक के प्रधान सचिव (वाणिज्य एवं उद्योग) वी. पी. बालिगर के मुताबिक, पॉस्को ने राज्य के गडग जिले के हल्लीगुडी को 60 लाख टन के अपने प्रस्तावित प्लांट के लिए चुना है। इसमें लगभग 32,000 करोड़ रुपए का निवेश होने का अनुमान है।

कर्नाटक में पॉस्को के अलावा आर्सेलर मित्तल, भूषण स्टील, एस्सार और एनएमडीसी की भी स्टील प्लांट लगाने की योजना है।

बालिगर ने बताया कि पॉस्को ने प्लांट लगाने के लिए 3,000 एकड़ जमीन की मांग की है और इसके लिए उसने कर्नाटक औद्योगिक विकास बोर्ड के पास शुरुआती रकम जमा करा दी है। राज्य सरकार अब जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया शुरू करेगी।

पॉस्को ने पहले ही एक कैप्टिव आयरन ओर माइन की लीज के लिए आवेदन कर दिया है। कर्नाटक सरकार ने नए लाइसेंस के लिए बोलियां मंगाई थीं।

कर्नाटक अपने यहां स्टील कंपनियों को प्लांट लगाने के लिए प्रोत्साहित करता रहा है। जिन कंपनियों ने राज्य में प्लांट लगाने के संकेत दिए हैं, उनके लिए सरकार ने कैप्टिव आयरन ओर माइनिंग लीज की जरूरत का कम से कम 30-35 फीसदी पूरा करने का आश्वासन दिया है।

कर्नाटक नई आयरन ओर माइनिंग लीज में प्राथमिकता देकर स्टील उद्योग के लिए राज्य में बेहतर अवसर उपलब्ध कराने का प्रयास कर रहा है। नई माइनिंग नीति में सरकार ने स्पष्ट कहा है कि नई माइनिंग लीज उन कंपनियों को दी जाएंगी, जो वैल्यू एडीशन कर रही हैं।

आर्सेलर मित्तल भी कर्नाटक के बेल्लारी में 60 लाख टन उत्पादन क्षमता वाला स्टील प्लांट लगा रही है और इसके लिए कंपनी ने 4,000 एकड़ से अधिक जमीन का अधिग्रहण शुरू कर दिया है। बालिगर ने कहा कि राज्य सरकार इस वर्ष मार्च तक कम से कम 1,500 एकड़ का अधिग्रहण कर पाएगी, जिससे आर्सेलर मित्तल अपना निर्माण कार्य शुरू कर सकेगी।

आर्सेलरमित्तल के जमीन अधिग्रहण करने से लगभग 1,400 किसान प्रभावित होंगे और इनमें से लगभग 10 फीसदी ने पहले ही मुआवजे की रकम स्वीकार कर ली है।

भूषण स्टील भी बेल्लारी में 60 लाख टन क्षमता का प्लांट लगाने की योजना बना रही है और कंपनी ने इसके लिए 4,000 एकड़ जमीन मांगी है। इस प्रस्तावित प्लांट में देरी हो रही है क्योंकि इसकी लोकेशन जंगली भालुओं के एक अभयारण्य के पास है और वन्यजीव कार्यकर्ता इसे 100 एकड़ दूर ले जाने की मांग कर रहे हैं।

कर्नाटक सरकार को जून, 2010 में बंगलुरु में आयोजित ग्लोबल इनवेस्टर्स मीट के दौरान लौह एवं इस्पात उद्योग के लिए दो लाख करोड़ रुपए के निवेश प्रस्ताव मिले थे। अभी राज्य सरकार नए स्टील प्लांट लगाने के लिए कोई नए आवेदन स्वीकार नहीं कर रही।

Posted on Feb 3rd, 2011
SocialTwist Tell-a-Friend
Posted in :  व्यापार     
Subscribe by Email

Leave a comment

Type Comments in Indian languages (Press Ctrl+g to toggle between English and Hindi OR just Click on the letter)


विदेश

राज्य

महिला

अपराध

ब्यूटी