चीन को फिर पटखनी

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भारत लंबे समय से दुनियाभर में आउटसोर्सिंग के लिए ‘बेस्ट डेस्टीनेशन’ के तौर पर जाना जाता रहा है। लेकिन अब चीन की नजर भी इस बाजार पर है। और पिछले साल तो आउटसोर्सिंग के लिए दुनियाभर की कंपनियों को अपने देश में खींचने के लिए चीन ने तमाम तरह की छूट देने का भी ऐलान किया था। लेकिन चीन का यह कदम उसके लिए ज्यादा कारगर नहीं साबित हुआ। और भारत को एक बार फिर से आउटसोर्सिंग के लिए ‘बेस्ट डेस्टीनेशन’ का खिताब मिल गया है।

ग्लोबल मैनेजमेंट कंसल्टिंग फर्म- एटी केर्ने की एक रिपोर्ट के मुताबिक 2011 में भारत ही आउटसोर्सिंग के लिए सबसे बेहतरीन देश बना रहेगा। ग्लोबल सर्विसेज लोकेशन इंडेक्स यानी जीएसएलआई के नाम से जारी की गई इस रिपोर्ट में दुनिया में टॉप 3 पोजीशन पर एशिया के तीन देशों के नाम हैं। इनमें भारत के अलावा चीन और मलेशिया शामिल हैं।

रिपोर्ट में कहा गया है कि भारत में आउटसोर्सिंग से जुड़े हर तरह के काम के लिए बेहतरीन टैलेंट मौजूद है। यही वजह है कि लिस्ट में एक बार फिर से भारत का नाम सबसे उपर है। आपको बता दें कि साल 2003 से ही हर साल जीएसएलआई इंडेक्स को जारी किया जाता है। और भारत के लिहाज से अच्छी बात यह है कि 2003 से ही लगातार भारत इस लिस्ट में पहले नंबर पर काबिज है।

उधर रिपोर्ट में इस बात का भी जिक्र है कि चीन में भी आउटसोर्सिंग का बाजार तेजी से बढ़ सकता है। लेकिन वहां कंपनियों को सबसे बड़ी दिक्कत यह आ रही है कि चीन में प्रोफेशनल्स की सैलरी के उपर कंपनियों को काफी मोटी रकम खर्च करनी पड़ रही है। और इसके चलते वहां कंपनियों का ऑपरेटिंग कॉस्ट बढ़ जाता है। ऐसे में उम्मीद यही की जा रही है कि आने वाले दिनों में भी ऑउटसोर्सिंग के बाजार में भारत का दबदबा कायम रहेगा।

Posted on Feb 7th, 2011
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Posted in :  व्यापार     
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