मिस्र के बाद अब यमन में क्रांति का विगुल

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मिस्त्र के राष्ट्रपति हुस्नी मुबारक के इस्तीफे की खुशी मना रहे काहिरा के प्रदर्शनकारियों से प्रेरित होकर अब यमन में भी क्रांति का बिगुल बजाया जा रहा है। ट्यूनिशिया और मिस्र के बाद अब परिवर्तन की बयार यमन में भी बहती दिख रही है, जहा मध्य यमन में शनिवार को हजारों छात्रों ने विरोध प्रदर्शन करते हुए राष्ट्रपति अली अब्दुल्ला सालेह से हुस्नी मुबारक के पदचिह्नों पर चल कर पद से हटने की मांग की। युवक छात्रों ने नारे लगाए ‘मुबारक के बाद अब बारी अली की है।’ मध्य यमन में इकट्ठा होने के बाद प्रदर्शनकारी सना युनिवर्सिटी की तरफ बढ़े। वह ‘अली को निकालो, निकालो’ और ‘लागों की आकाक्षा है सत्ता का पतन’ के नारे लगा रहे थे। छात्रों के एक समूह ने सत्ताविरोधी पोस्टर लगाने की कोशिश की थी। सत्तारूढ़ जनरल पीपुल्स काग्रेस के समर्थकों ने इसका विरोध किया। इसके बाद विरोध प्रदर्शन शुरू हो गया। स्थानीय समयानुशार दोपहर को प्रदर्शनकारी एवेन्यू जमाल अब्दुल नासिर पर पहुंच गए थे, जो सना के तहरीर चौक से करीब आधा मील दूर है। इस चौक पर सत्तारूढ़ पार्टी का कब्जा है। स्थानीय समाचार पत्र ‘क्रिश्चियन साइंस मानीटर’ के मुताबिक यमन के दक्षिणी शहर अदन में प्रदर्शनकारियों ने सऊदी अरब का पुराना झंडा लहराते हुए जुलूस निकाला। प्रदर्शनकारियों ने ‘दक्षिण के लिए क्रांति’ के नारे लगाए। इस जुलूस से कुछ घंटे पहले यहां विरोध प्रदर्शन कर रहे लोगों पर सुरक्षा बलों ने गोलियां चलाई। अदन के अलावा दक्षिणी यमन के अन्य शहरों में भी विरोध प्रदर्शन हुए। अदन की अलगाववादी नेता जाहरा सलेह ने कहा कि

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हुस्नी मुबारक के बाद अब अगला नंबर यमन का है, मैं जानती हूं। दक्षिणी अलगाववादी आंदोलन के नेता अली जरल्लाह ने कहा कि अब हमारा आंदोलन मजबूत हो रहा है। अदन के प्रतिबंधित समाचार पत्र ‘अल खय्याम’ के प्रबंध संपादक तम्माम बशरहील ने कहा कि मिस्त्र में जो कुछ हुआ उससे इस आंदोलन को मजबूती मिली है।

Posted on Feb 12th, 2011
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Posted in :  ब्रेकिंग न्यूज, विदेश     
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