जेपीसी की राह पर सरकार

Font Size : अ- | अ+ comment-imageComment print-imagePrint

संसद का बजट सत्र सुचारु रूप से चलाने के उपाय खोज रही कांग्रेस ने सोमवार को अपने कोर ग्रुप की बैठक में जेपीसी के गठन पर चर्चा की। संसद में शीतकालीन सत्र से सरकार और विपक्ष के बीच जेपीसी के गठन पर टकराव बना हुआ है।

लोकसभा के नेता और वित्त मंत्री प्रणव मुखर्जी ने संसद में जारी गतिरोध तोड़ने के लिए 8 फरवरी को सर्वदलीय बैठक में कहा था कि संसद चलाने के लिए कोई भी कीमत ज्यादा नहीं है।

उन्होंने विपक्ष से वादा किया था कि वह जेपीसी के बारे में प्रधानमंत्री से चर्चा करने के बाद दोबारा सर्वदलीय बैठक करेंगे। समझा जाता है कि 21 फरवरी से शुरू होने वाले बजट सत्र से पहले प्रणव फिर सभी दलों से बात करेंगे। माना जा रहा है कि जेपीसी की घोषणा लोकसभा में 2 जी स्पेक्ट्रम पर चर्चा के बाद होगी। सरकार के इस तर्क से विपक्ष सहमत हो गया है कि जेपीसी गठन की घोषणा संसद के बाहर नहीं की जा सकती है। विपक्षी नेताओं को विश्वास है कि सरकार बजट सत्र को चलाने के लिए उसकी जेपीसी की मांग मान लेगी।

कोर ग्रुप की बैठक में प्रणव ने कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी, प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह और अपने वरिष्ठ सहयोगियों को विपक्ष से हुई बातचीत की जानकारी दी। सर्वदलीय बैठक के बाद कोर ग्रुप की यह पहली बैठक थी। कांग्रेस अभी तक जेपीसी पर कोई फैसला नहीं ले पाई है। हालांकि, सूत्रों का कहना है कि सर्वदलीय बैठक में सरकार जेपीसी बनाने की राह पर इतना आगे बढ़ चुकी है कि अब उसके लिए वापस कदम खींचना संभव नहीं है। विपक्ष बिना जेपीसी के संसद नहीं चलने देगा और उस स्थिति में वित्त मंत्री को या तो विपक्ष के हंगामे के बीच या विपक्ष के वॉक आउट के बीच बजट प्रस्ताव पढ़ने होंगे। दोनों ही स्थितियों में जनता के बीच गलत संकेत जाएंगे। कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं ने बैठक में सभी संभावित स्थितियों के राजनीतिक परिणामों पर विचार किया। इस पर भी विचार किया गया कि जेपीसी कब से टेलिकॉम नीति पर विचार करेगी। 1994 में नई आर्थिक नीतियां लागू की गईं तब से या 1998 -99 से जब एनडीए की सरकार थी उस समय से जांच हो, यह अभी तय किया जाना है।

कांग्रेस के प्रवक्ता मनीष तिवारी ने कहा कि संसद चलना चाहिए। हम 2 जी स्पेक्ट्रम पर चर्चा चाहते हैं। विपक्ष को इससे भागना नहीं ंचाहिए। कांग्रेस का मानना है कि 2 जी पर इतनी बातें बाहर आ चुकी हैं और कार्रवाई हो चुकी है कि जेपीसी के पास अब करने को कुछ ज्यादा नहीं होगा। वैसे भी जेपीसी का अध्यक्ष सत्तारूढ़ पार्टी का होता है।

Posted on Feb 14th, 2011
SocialTwist Tell-a-Friend
Posted in :  बड़ी खबर     
Subscribe by Email

Leave a comment

Type Comments in Indian languages (Press Ctrl+g to toggle between English and Hindi OR just Click on the letter)


विदेश

राज्य

महिला

अपराध

ब्यूटी