इंडियन ऑयल को दोगुना लाभ

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सार्वजनिक क्षेत्र की तेल कंपनी इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन (आइओसी) के लिए चालू वित्त वर्ष की अक्टूबर-दिसंबर तिमाही काफी अच्छी रही। इस दौरान कंपनी का शुद्ध लाभ करीब दोगुना होकर 1,634 करोड़ रुपये पर पहुंच गया।

एक साल की पहले की समान अवधि में यह 696.59 करोड़ रुपये था। इस तरह दिसंबर तिमाही में कंपनी का शुद्ध मुनाफा 134.7 फीसदी बढ़ा। कंपनी के चेयरमैन एसवी नरसिम्हन ने यहां संवाददाताओं को यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि सरकार और सरकारी तेल कंपनियों द्वारा दी गई 4,442.45 करोड़ रुपये की नकद सब्सिडी के चलते कंपनी के मुनाफे में वृद्धि हुई है।

मालूम हो कि कंपनी को लागत से कम कीमत पर डीजल, रसोई गैस और केरोसीन तेल बेचने के एवज में यह सब्सिडी दी गई। सरकार ने बीपीसीएल और एचपीसीएल को भी सब्सिडी के रूप में क्रमश: 1,809.85 और 1,747.70 करोड़ रुपये दिए हैं।

नरसिम्हन के मुताबिक आइओसी को डीजल, रसोई गैस और केरोसीन की बिक्री पर रोजाना 190 करोड़ रुपये का नुकसान हो रहा है। हालांकि पेट्रोल की कीमतें नियंत्रणमुक्त कर दी गई हैं, लेकिन अंतरराष्ट्रीय स्तर पर तेल की कीमतों में तेजी के चलते इसका पूरा बोझ ग्राहकों पर नहीं डाला गया है।

दिसंबर तिमाही के दौरान आइओसी ने कच्चे तेल को पेट्रोलियम उत्पादों में तब्दील करने पर प्रति बैरल 6.33 डॉलर की कमाई की। एक साल पहले की समान तिमाही में ग्रास रिफाइनिंग मार्जिन (जीआरएम) प्रति बैरल 3.64 डॉलर ही था। इस दौरान कंपनी का टर्नओवर 16.7 फीसदी बढ़कर 82,179 करोड़ रुपये पर पहुंच गया। साल भर पहले इसी अवधि में यह 70,431 करोड़ था।

बकौल नरसिम्हन दिसंबर तिमाही तक कंपनी की उधारी बढ़कर 50,724 करोड़ रुपये पर पहुंच गई। चालू वित्त वर्ष की शुरुआत में यह 44 हजार करोड़ रुपये थी। हालांकि इससे कंपनी की आर्थिक स्थित पर कोई असर नहीं पड़ेगा।

एमआरएफ का लाभ घटा वाहनों के टायर और रबड़ उत्पाद बनाने वाली कंपनी एमआरएफ लिमिटेड का शुद्ध लाभ 31 दिसंबर, 2010 को समाप्त तिमाही में 14.42 फीसदी घटकर 102.18 करोड़ रुपये रह गया।

कंपनी ने बीएसई को यह जानकारी दी। इससे पूर्व वित्त वर्ष की समान तिमाही में यह 119.41 करोड़ रुपये था। हालांकि इस दौरान कंपनी की बिक्री बढ़कर 2,165.80 करोड़ रुपये पर पहुंच गई।

इससे पूर्व वित्त वर्ष की समान तिमाही में यह 1,653.84 करोड़ रुपये थी। जीएमआर इंफ्रा को घाटा जीएमआर इंफ्रास्ट्रक्चर को 31 दिसंबर, 2010 को समाप्त तिमाही में 22.25 करोड़ रुपये का घाटा हुआ। कंपनी द्वारा जारी बयान के मुताबिक पूर्व वित्त वर्ष की अक्टूबर-दिसंबर तिमाही में उसे 9.20 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ हुआ था।

हालांकि समीक्षाधीन अवधि में कंपनी की परिचालन आय 1,066.72 करोड़ रुपये से बढ़कर 1,358.78 करोड़ रुपये हो गई। इलीकोन को मुनाफा इलीकोन इंजीनियरिंग कंपनी का शुद्ध लाभ दिसंबर 2010 को समाप्त तिमाही में दोगुना बढ़कर 36.82 करोड़ रुपये पर पहुंच गया।

इससे पूर्व वित्त वर्ष की इसी तिमाही में यह 19.83 करोड़ रुपये था। कंपनी की शुद्ध बिक्री 300.93 करोड़ रुपये रही। इलीकोन इंजीनियरिंग इस्पात, उर्वरक, सीमेंट, कोयला, लिग्नाइट, चीनी बिजलीघर जैसे प्रमुख क्षेत्रों को उच्च् प्रौद्योगिकी वाले उपकरण मुहैया कराती है।

मद्रास सीमेंट्स को फायदा मद्रास सीमेंट्स ने 31 दिसंबर, 2010 को समाप्त तीसरी तिमाही के दौरान अपने शुद्ध लाभ में 171.5 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की।

इस दौरान कंपनी को 43.48 करोड़ रुपये का लाभ हुआ। कंपनी ने बीएसई को यह जानकारी दी। बीते वित्त वर्ष की इसी तिमाही में कंपनी को 16.01 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ हुआ था। समीक्षाधीन तिमाही में कंपनी का कुल खर्च 37.33 करोड़ रुपये तक घटकर 485.35 करोड़ रुपये पर आ गया। इससे पूर्व वित्त वर्ष में यह 522.68 करोड़ रुपये था।

Posted on Feb 15th, 2011
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Posted in :  ब्रेकिंग न्यूज, व्यापार     
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