नहीं बढ़ेंगे पेट्रोल, डीजल के दाम

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कच्चे तेल के दाम में उछाल के बावजूद सरकार ने मंगलवार को कहा कि पेट्रोल, डीजल के दाम बढाने का कोई इरादा नहीं है। पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्री जयपाल रेड्डी ने यहा संवाददाताओं से कहा कि हम इस समय दाम बढ़ाने के बारे में नहीं सोच रहे हैं।

अरब क्षेत्र में राजनीतिक संकटों के बीच अंतरराष्ट्रीय बाजार में तेल के दाम 100 डालर प्रति बैरल तक पहुंच चुके हैं। अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल के दाम बढ़ने का अर्थ यह है कि सार्वजनिक क्षेत्र की तेल कंपनियों को चालू वित्त वर्ष में डीजल, घरेलू रसोई गैस और मिट्टी तेल उनके वास्तविक लागत से कम दाम पर बेचने से आय में 80,000 करोड़ रुपये तक की कमी रह सकती है।

उन्होंने कहा कि पेट्रोलियम पदार्थो की मार्केटिंग करने वाली कंपनियों को इस साल 80,000 करोड़ रुपये की कमवसूली का बोझ उठाना पड़ रहा है और हो सकता है यह राशि 1,00,000 करोड रुपए तक भी पहुंच जाए। पेट्रोलियम मंत्री ने कहा कि यहा तक कि तुरंत पेट्रोल के दाम बढ़ाने का भी प्रस्ताव नहीं है। उल्लेखनीय है कि सरकार ने पिछले साल जून में पेट्रोल के दाम को सरकारी नियंत्रण से मुक्त कर दिए थे, तब से कंपनिया सात बार पेट्रोल के दाम बढ़ा चुकी हैं।

रेड्डी ने कहा कि जनता की राय को मुक्त बाजार के परिवेश में भी नजरंदाज नहीं किया जा सकता। इसे देखते हुए फिलहाल मेरे समक्ष पेट्रोल के दाम बढाने का तेल कंपनियों का कोई प्रस्ताव नहीं है।

उन्होंने कहा कि तेल कंपनियों को होने वाली कमवसूली में आधे की भरपाई सरकार द्वारा की जाएगी जबकि एक तिहाई राशि को ओएनजीसी, गेल जैसे तेल उत्पादन कार्य से जुड़ी कंपनियों के योगदान से पूरा किया जाएगा और शेष बची राशि को किसी तरह तेल कंपनिया स्वयं ही खपा लेंगी। तेल सचिव एस. सुदरेशन ने बताया कि चालू वित्त वर्ष की पहली तीन तिमाहियों में खुदरा कारोबार करने वाली सरकारी पेट्रोलियम कंपनियों को 46,000 करोड़ रुपये की आय का नुकसान हुआ है। सरकार ने इसकी भरपाई के लिए 21,000 करोड़ रुपये उपलब्ध कराए हैं। तेल खोज एवं उत्पादन कार्य में लगी कंपनियों ने भी सब्सिडी की भरपाई के लिए एक तिहाई राशि उपलब्ध कराई है। रेड्डी ने आम आदमी पर पेट्रोलियम पदाथरें की महंगाई का बोझ कम करने के लिए उम्मीद जताई कि वित्त मंत्री आगामी बजट में कच्चे तेल और दूसरे पेट्रोलियम पदाथरें पर सीमा शुल्क और उत्पाद शुल्क में कटौती करेंगे।

इससे पहले इंडियन आयल कार्पोरेशन के नाफ्था क्रैकर संयंत्र को राष्ट्र को समर्पित करते हुए रेड्डी ने कहा कि देश को और ज्यादा तेल खोज की जरुरत है ताकि उसकी आयात पर निर्भरता कम हो और अपनी माग को घरेलू संसाधनों से ही पूरा किया जा सके। पानीपत रिफाइनरी में तैयार क्रैकर संयंत्र में वहच्कच्चा माल तैयार होता है जिससे प्लास्टिक तैयार होता है। यह पिछले साल ही काम करने लगा था लेकिन आज इसका औपचारिक तौर पर उद्घाटन किया गया।

सुंदरेशन ने इस मौके पर कहा कि अगले दो साल में देश की रिफाइनिंग क्षमता बढ़कर 24 करोड़ टन तक पहुंच जाएगी। वर्तमान में यह 18.70 करोड़ टन पर है। यह क्षमता भी मौजूदा 14. 60 करोड़ टन की खपत से कहीं ज्यादा है। भारत पेट्रोलियम मध्यप्रदेश में बीना में 60 लाख टन वार्षिक क्षमता की रिफाइनरी लगा रहा है। उधर हिंदुस्तान पेट्रोलियम की 90 लाख टन क्षमता की रिफाइनरी पंजाब के बठिंडा में तैयार हो रही है। इंडियन आयल कार्पोरेशन की एक 90 लाख टन क्षमता की रिफाइनरी उड़ीसा के पारादीप में लगाई जा रही है।

Posted on Feb 15th, 2011
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Posted in :  ब्रेकिंग न्यूज     
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