जीतने के लिये उतरेंगी धोनी की सेना

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क्रिकेट की भावनाओं का ज्वार उस समय चरम पर होगा जब भारत और बांग्लादेश की टीमें वर्ल्डकप के उद्घाटन मैच में आमने-सामने होगी। टीम इंडिया का एकमात्र लक्ष्य होगा बदला. बदला.. केवल बदला।

चार वर्षो से टीम इंडिया इस घड़ी का बेताबी से इंतजार कर रही है। भारत को बांग्लादेश से वेस्टइंडीज में 2007 हुए वर्ल्डकप में मिली हार का बदला चुकाना है। पिछली हार राहुल द्रविड़ के नेतृत्व में मिली थी और अब महेन्द्र सिंह धोनी ब्रिगेड के जांबाजों ने इस बदले को लेने के लिए कमर कस ली है।

भारत के विस्फोटक ओपनर और मौजूदा क्रिकेट के सबसे विस्फोटक बल्लेबाज वीरेंद्र सहवाग ने बहुत कम शब्दों में इस बहुप्रतीक्षित मुकाबले के लिए करोड़ों भारतीयों की भावनाओं को व्यक्त कर दिया कि हम जानते हैं, हम उनसे हार गए थे और हम इस घड़ी का इंतजार कर रहे थे कि कब हमें इस वर्ल्ड कप में बांग्लादेश से खेलने का मौका मिलेगा। वह समय अब आ गया है। मौजूदा भारतीय टीम के कई सदस्य 2007 में वेस्टइंडीज में मिली हार में टीम के सदस्य नहीं थे लेकिन उन्होंने भी वह मंजर देखा होगा कि किस तरह उस हार ने टीम इंडिया को वर्ल्ड कप से बाहर कर दिया था। उनके मन में भी वैसे ही बदले की आग धधक रही होगी जैसी कि अन्य सदस्यों के मन में।

दोनों ही टीमों की अग्निपरीक्षा

वैसे बांग्लादेश को उसके होम ग्राउंड शेरे बांग्ला नेशनल स्टेडियम में हराना आसान नहीं होगा और इस लक्ष्य को अंजाम देने के लिए धोनी ब्रिगेड को अपना सर्वश्रेष्ठ झोंकना होगा। यह मुकाबला जैसे ही शुरु होगा दोनों देशों में भावनाओं का ज्वार अपने चरम पर पहुंच जाएगा। हर गेंद और हर रन पर सबकी नजर होगी। वार्मअप मैचों में विश्व चैम्पियन ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड पर मिली जीत से धोनी के धुरंधरों का मनोबल बुंलदियों पर पहुंच गया है और इन जीतों से टीम के सभी खिलाड़ी बेहद उत्साहित लग रहे है। एक तरह से कल यहां दोनों ही टीमों की अग्निपरीक्षा भी होगी।

पिच का हाल

पिच पर जरा भी घास नहीं छोड़ी गई है। बाद में बल्लेबाजी करने वाली टीम को ओस के कारण परेशानी हो सकती है। ओस के कारण गेंदबाजों और फील्डरों को गेंद पर ग्रिप बनाने में कठिनाई होती है। जिससे बैटिंग टीम को फायदा होता है। मीरपुर में बांग्लादेश व पाक के बीच हुए अभ्यास मैच में स्पिनरों को पिच से काफी मदद मिली थी।

बन जाएगा सचिन का रिकॉर्ड

बांग्लादेश के खिलाफ उतरते ही सचिन सर्वाधिक वनडे खेलने का रिकॉर्ड अपने नाम कर लेंगे। इस समय वे श्रीलंका के सनथ जयसूर्या के साथ 444 मैचों की बराबरी पर हैं। सचिन तेंडुलकर का यह 445वां मैच होगा और इसके साथ ही सर्वाधिक टेस्ट और वनडे खेलने के दोनों रिकॉर्ड एक साथ उनके नाम हो जाएंगे।  सचिन के पास इस टूर्नामेंट में 2000 रन पूरे करने और वनडे में 18000 रन पूरे करने का भी मौका रहेगा।

इन खिलाड़ियों में से होगा प्लेइंग इलेवन का चयन

भारत- महेन्द्र सिंह धोनी (कप्तान), सचिन तेंडुलकर, वीरेन्द्र सहवाग, गौतम गंभीर, विराट कोहली, युवराज सिंह, सुरेश रैना, यूसुफ पठान, हरभजन सिंह,  जहीर खान, मुनाफ पटेल, आशीष नेहरा, शांतकुमारन श्रीसंथ, पीयूष चावला और आर. अश्विन।

बांग्लादेश- शाकिब अल हसन (कप्तान), तमीम इकबाल, इमरल कायेस, शहरियार नफीस, जुनैद सिद्दिकी, मोहम्मद अशरफुल, रकीबुल हसन, मुशफिकुर रहीम, महमूदुल्ला, नईम इस्लाम, अब्दुर रज्जाक, मोहम्मद सुहरावर्दी, शफीउल इस्लाम, नजमुल हुसैन और रबेल हुसैन।

Posted on Feb 19th, 2011
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Posted in :  खेल्र, बड़ी खबर     
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