पनडुब्बी सौदे पर पीएसी की फटकार

Font Size : अ- | अ+ comment-imageComment print-imagePrint

स्कॉर्पियन पनडुब्बी सौदे में हुई देरी और इसके चलते हुए नुकसान पर संसद की लोक लेखा समिति [पीएसी] ने रक्षा मंत्रालय की जमकर खिंचाई की है। खरीद सौदे पर नियंत्रक महालेखा परीक्षक [कैग] की आपत्तियों और उनसे जुड़े समिति के सवालों पर रक्षा मंत्रालय की दलीलों को पीएसी ने ‘झूठे बहाने’ बताते हुए खारिज किया है। समिति ने रक्षा मंत्रालय को इस सौदे में देरी से हुए वित्तीय नुकसान के आकलन और भरपाई करने को कहा है।

फ्रेंच कंपनी डीसीएनएस के साथ हुए इस सौदे में पनडुब्बियों के मिलने में हो रही तीन साल की देरी को लेकर समिति ने सख्त नाराजगी जताई है। मुंबई स्थित मझगांव डॉक के माध्यम से हुए इस सौदे में छह पनडुब्बियां खरीदी जा रही हैं। नौसेना को पहली पनडुब्बी 2015 तक ही मिल पाएगी, जबकि इसे 2012 तक आ जाना था। वरिष्ठ भाजपा नेता मुरली मनोहर जोशी की अगुआई वाली संसदीय समिति ने खरीद में विलंब पर दाखिल रक्षा मंत्रालय की कार्रवाई रिपोर्ट [एटीआर] को सिरे से नकार दिया।

समिति ने इस बात पर गंभीर आपत्ति जताई है कि सौदे को अंतिम रूप देने में देरी की गई। साथ ही पीएसी ने मंत्रालय को ऐसे मामलों की पुनरावृत्ति रोकने के लिए जरूरी व्यवस्था बनाने की भी ताकीद की है। सौदे में 2002 से 2005 के बीच हुई तीन साल की देरी के कारण इसकी कीमत में 2800 करोड़ रुपये की बढ़ोतरी हो गई। साथ ही इसके साथ मिसाइलों की खरीद के दामों में भी भारी वृद्धि हुई।

Posted on Feb 24th, 2011
SocialTwist Tell-a-Friend
Posted in :  सरकारी-तंत्र     
Subscribe by Email

Leave a comment

Type Comments in Indian languages (Press Ctrl+g to toggle between English and Hindi OR just Click on the letter)


विदेश

राज्य

महिला

अपराध

ब्यूटी