कच्चे तेल के दामों में जोर का उबाल

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प्रमुख कच्चे तेल उत्पादक देशों में शुमार लीबिया का संकट बाजारों के लिए बवंडर बन गया है। इस अफ्रीकी देश के संकट की वजह से कच्चे तेल [क्रूड] के दाम ढाई साल के ऊंचे स्तर 120 डॉलर प्रति बैरल के करीब पहुंच गए हैं। क्रूड के ऊंचे दाम ग्लोबल अर्थव्यवस्था में महंगाई को और भड़का सकते हैं। इसकी वजह से सेंसेक्स करीब 546 और निफ्टी 175 अंक का गोता लगा गए। ऐसे में निवेश के सुरक्षित ठिकाने के तौर पर सोना-चांदी उछलकर नए शिखर पर पहुंच गए। राजधानी में चांदी 1200 रुपये चढ़कर 50 हजार 500 रुपये प्रति किलो और पीली धातु 300 रुपये बढ़कर 21 हजार 240 रुपये प्रति दस ग्राम हो गई।

लंदन। लीबिया समेत अरब देशों में फैल रहे राजनीतिक संकट से कच्चे तेल के दामों में उबाल आ गया है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में गुरुवार को क्रूड 30 माह के उच्चतम स्तर 120 डॉलर प्रति बैरल के करीब पहुंच गया। इस दिन इसके दामों में तकरीबन 9 डॉलर प्रति बैरल की तेजी आई। लीबिया विश्व का 12वां सबसे बड़ा तेल उत्पादक है।

कारोबार के दौरान अप्रैल डिलीवरी वाल लंदन ब्रेंट क्रूड ऑयल 8.94 डॉलर भड़ककर 119.79 डॉलर प्रति बैरल की ऊंचाई छू गया। सितंबर, 2008 के बाद से यह इसका उच्चतम स्तर है। हालांकि, बाद में यह कुछ नीचे आकर 117 डॉलर प्रति बैरल बोला गया। इसी तरह यूएस क्रूड 103.41 डॉलर प्रति बैरल के स्तर तक चला गया।

Posted on Feb 24th, 2011
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Posted in :  व्यापार     
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