2जी मामले में टाटा संस प्रमुख से पूछताछ

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2जी स्पेक्ट्रम घोटाले की जांच में बड़े उद्योगपतियों का सीबीआइ मुख्यालय आने का सिलसिला जारी है। गुरुवार को पूछताछ के लिए सीबीआइ मुख्यालय पहुंचे उद्योगपतियों में सबसे बड़ा नाम आर. कृष्ण कुमार का है।

कृष्ण कुमार टाटा समूह की मूल कंपनी टाटा संस में निदेशक हैं और टाटा रीयल्टी समेत समूह की कई कंपनियों के अध्यक्ष हैं। कृष्ण कुमार के अलावा स्पाइस के दलीप मोदी, एस-टेल के शिवशंकरन व एस. सानिक दास, लूप कम्युनिकेशन के संदीप बसु और शिवा ग्रुप आफ कंपनीज के वी. श्रीनिवासन से सीबीआइ ने पूछताछ की।

रतन टाटा के नजदीकी माने जाने वाले कृष्ण कुमार से मुख्य तौर पर यूनिटेक के साथ किए जमीन के सौदे के बारे में पूछताछ की गई। गुड़गांव में जमीन के लिए हुए सौदे के तहत टाटा रीयल्टी ने यूनिटेक को लगभग 1700 करोड़ रुपये एडवांस के रूप में दे दिये।

यह सौदा उस वक्त हुआ जब यूनिटेक 2जी लाइसेंस के आवेदन करने वाली थी। टाटा ग्रुप को दोहरी तकनीक उपयोग का लाइसेंस मिलने के बाद इस सौदे को निरस्त कर दिया गया। जांच एजेंसी को संदेह है कि टाटा ने यूनिटेक को 1700 करोड़ रुपये 2जी स्पेक्ट्रम के लाइसेंस फीस के रूप में दिए थे। 2जी स्पेक्ट्रम स्पेक्ट्रम की लाइसेंस की फीस 1658 करोड़ रुपये रखी गई थी।

सीबीआइ इस मामले में पहले ही यूनिटेक के मालिक संजय चंद्रा से पूछताछ कर चुकी है।

सीबीआइ के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि पूछताछ के लिए बुलाए गए सभी उद्योगपति किसी न किसी रूप में 2जी स्पेक्ट्रम पाने वाली कंपनियों से संबंधित रहे हैं। इन सभी से 2जी स्पेक्ट्रम आवंटन के दौरान उनकी भूमिका के बारे में सवाल पूछे गए हैं।

उन्होंने पूछताछ की विस्तृत जानकारी देने से मना कर दिया। उनके अनुसार एक मार्च को सुप्रीम कोर्ट में जांच की प्रगति रिपोर्ट देने के पहले सीबीआइ अधिक-से-अधिक लोगों से पूछताछ कर लेना चाहती है।

Posted on Feb 24th, 2011
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Posted in :  भ्रस्टाचार     
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