प्रणव दा का पिटारा बजट 2011- 2012

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इलेक्ट्रिक, हाइब्रिड गाड़ियों को प्रोत्साहन

सरकार ने हाइब्रिड और इलेक्ट्रिक गाड़ियों के लिए एक राष्ट्रीय मिशन स्थापित करने का प्रस्ताव किया है। सरकार की इस पहल से वैकल्पिक ईंधन वाली गाड़ियों के निर्माण और बिक्री को बढ़ावा मिलेगा।

वित्त मंत्री प्रणव मुखर्जी ने संसद में पेश 2011-12 के आम बजट में हाइब्रिड गाड़ियों के किट के विकास और विनिर्माण पर उत्पाद शुल्क 10 % से घटाकर 5 % करने का भी प्रस्ताव किया गया। इसके अलावा, विशेष हाइब्रिड कल – पुर्जों के आयात पर सीमा शुल्क एवं काउंटर-वेलिंग शुल्क ( सीवीडी ) को पूरी तरह खत्म करने का भी प्रस्ताव किया गया।

मुखर्जी ने कहा, बड़ी संख्या में लोगों को पर्यावरण अनुकूल और स्वच्छ परिवहन सुविधा उपलब्ध कराने के लिए भागीदारों के साथ मिलकर हाइब्रिड एवं इलेक्ट्रिक वाहनों के लिए राष्ट्रीय मिशन शुरू किया जाएगा। सरकार ने पिछले साल नवंबर में इलेक्ट्रिक वाहन विनिर्माताओं के लिए 11वीं पंचवर्षीय योजना की शेष अवधि के लिए 95 करोड़ रुपये के प्रोत्साहन पैकेज की घोषणा की थी।

सरकार के प्रस्तावों पर प्रतिक्रिया देते हुए सियाम के अध्यक्ष पवन गोयनका ने बताया कि यह एक बहुत स्वागत योग्य कदम है। इससे देश में उन्नत प्रौद्योगिकी को ईजाद करने में मदद मिलेगी और प्रौद्योगिकी आयात पर निर्भरता घटेगी।

सोसाइटी ऑफ मैन्युफैक्चरर्स आफ इलेक्ट्रिक वीकल के अध्यक्ष नवीन मुंजाल ने इस पहल का स्वागत करते हुए कहा कि उद्योग इस तरह के कदमों से प्रोत्साहित होगा। उन्होंने कहा कि सरकार को अंतत: इलेक्ट्रिक एवं हाइब्रिड वाहनों के महत्व का एहसास हुआ है। इससे निश्चित तौर पर इस क्षेत्र को काफी बढ़ावा मिलेगा।

तनख्वाह चाहे जितनी हो, टैक्स बचत सिर्फ दो हजार रुपये ही

नई दिल्ली. वित्त मंत्री प्रणब मुखर्जी ने वित्त वर्ष २०११-१२ के लिए सालाना बजट पेश करते हुए आयकर देने वाले तबके को बड़ी राहत देते हुए आयकर से छूट का दायरा १.६० लाख रुपये सालाना की आमदनी से बढ़ाकर १.८० रुपये कर दिया है।

वरिष्ठ नागरिकों को भी वित्त मंत्री ने खुश करने की कोशिश की है। उनकी उम्र की सीमा  ६५ से घटाकर ६० साल कर दी गई है। वहीं, उनकी कर छूट की सीमा बढ़ाकर २.४० लाख रुपये से बढ़ाकर २.५० लाख रुपये सालाना कर दी गई है। इसके साथ ही वित्त मंत्री ने ऐलान किया कि ऐसे वेतनभोगियों को आयकर रिटर्न फाइल करने से आज़ादी मिलेगी, जिनकी आय का जरिया एक से ज़्यादा नहीं है। टीडीएस देने वालों को आयकर रिटर्न भरने की जरूरत नहीं। वहीं, प्रणब मुखर्जी ने छोटे करदाताओं के लिए ‘सुगम’ योजना की घोषणा की है।

वित्त मंत्री के मुताबिक आयकर रिटर्न न भरने वाले लोगों की विशेष श्रेणी का ऐलान जल्द किया जाएगा। वहीं, अब ईसीएस के जरिए टैक्स भरने की सुविधा अब पूरे देश में उपलब्ध होगी। 80 साल और उससे ज़्यादा उम्र के लोगों की ‘वेरी सीनियर सिटीजन’ की श्रेणी का ऐलान करते हुए इस बजट में उनका खास खयाल रखा गया है। उन्हें पांच लाख तक की सालाना आमदनी पर कोई आयकर नहीं देना होगा।

डीटीसी अगले साल अप्रैल से
वित्त मंत्री ने बजट पेश करते हुए घोषणा की है कि डाइरेक्ट टैक्स कोड (डीटीसी) यानी प्रत्यक्ष कर संहिता 1 अप्रैल, 2012 से लागू की जाएगी। वहीं, सामान और सेवा को लेकर कर विधेयक संसद में इस साल पेश किए जाएगा।

मौजूदा इनकम टैक्स स्लैब         दर (%)                    नया इनकम टैक्स स्लैब (रु. में)                 दर (%)
1,60,000 तक (पुरुष)                कोई कर नहीं                        1,80,000 तक (पुरुष)                कोई कर नहीं

1,90,000 तक (महिला)            कोई कर नहीं                         महिलाओं के स्लैब में बदलाव नहीं                 ……..

2,40,000 तक (65 साल से ऊपर)  कोई कर नहीं                    2,50,000 तक (60 साल से ऊपर)    कोई कर नहीं

5,00,000 तक ( 80 साल के ऊपर के लोगों के लिए)  कोई कर नहीं

1,60,000 – 5,00,000 तक                       10                    1,80,000 – 5,00,000 तक                         10

5,00,001 – 8,00,000 तक                       20                       कोई बदलाव नहीं                                   20
8,00,001 से ऊपर                                 30                         कोई बदलाव नहीं                                   30

पुरुष- 60 साल से कम के
1.60 लाख से 1.80 लाख तक- न्यूनतम 1 रुपये से अधिकतम 2 हजार तक
1.80 लाख रुपये से ऊपर- सभी को 2 हजार रुपये सालाना का फायदा

पुरुष- 60 साल से 65 साल तक
1.60 लाख से 2.50 लाख तक- न्यूनतम 1 रुपये से अधिकतम 9 हजार रुपये सालाना
2.5 लाख से अधिक आमदनी वालों को 9 हजार रुपये का फायदा

पुरुष- 65 साल से 80 साल तक
2.40 लाख से ऊपर- न्यूनतम 1 रु से अधिकतम 1 हजार तक

महिलाएं 60 साल से कम
1.90 लाख से ऊपर- कोई फायदा नहीं

महिलाएं- 60 साल से 65 साल तक
1.90 लाख से 2.50 लाख- न्यूनतम 1 रुपये से अधिकतम 6 हजार रुपये तक सालाना
2.5 लाख से अधिक आमदनी वाली महिलाओं को 6 हजार रुपये का फायदा

महिलाएं- 65 साल से 80 साल तक
2.40 लाख से ऊपर- न्यूनतम 1 रुपये से अधिकतम 1 हजार रुपये तक

महिलाएं- 80 साल से ऊपर
2.40 लाख से ऊपर- न्यूनतम 1 रुपये से अधिकतम 26 हजार तक

टैक्स छूट की अन्य सुविधाएं…
स्कीम का नाम छूट की सीमा (पहले) छूट की सीमा (अब)
मेडिकल रिइम्बर्समेंट                       15 हजार रुपये                   कोई बदलाव नहीं
निवेश पर टैक्स छूट                       1 लाख रुपये                      कोई बदलाव नहीं
इंफ्रा बॉन्ड में निवेश पर छूट          20 हजार रुपये                    एक साल और जारी रहेगा
होम लोन पर 1% की सब्सिडी           10 लाख तक के लोन पर  15 लाख तक के लोन पर

रक्षा बजट में वृद्धि

केंद्रीय वित्त मंत्री प्रणव मुखर्जी ने सोमवार को रक्षा बजट 2011-12 को बढ़ाकर 1,64,415 करोड़ रुपये करने की घोषणा की। रक्षा बजट में इस वृद्धि का प्राथमिक उद्देश्य जल, थल और वायु सेना का तेजी से आधुनिकीकरण करना है। यह राशि पिछले बजट में रक्षा क्षेत्र को आवंटित 1,47,344 करोड़ रुपये से कम-से-कम 11 फीसदी अधिक है।

मुखर्जी ने सोमवार को लोकसभा में वित्त वर्ष 2011-12 का आम बजट पेश करते हुए कहा कि रक्षा क्षेत्र के लिए पूंजीगत खर्च को बढ़ाकर 69,199 करोड़ रुपये कर दिया गया है, जो वित्त वर्ष 2010-11 में 60,000 करोड़ रुपये था। उन्होंने कहा कि जरूरत पड़ने पर रक्षा क्षेत्र को और अधिक राशि आवंटित की जाएगी।

मुखर्जी की इस घोषणा से अगले वित्त वर्ष में 10.4 अरब डॉलर की कीमत से 126लड़ाकू विमान सहित हथियारों की खरीद के अनेक सौदे के आगे बढ़ने की उम्मीद है।

Posted on Feb 28th, 2011
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Posted in :  बड़ी खबर, व्यापार     
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