बजट का खेल, महंगे होंगे मोबाइल

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वित्त मंत्री प्रणव मुखर्जी का बजट सस्ते गैजट के यंग सपने को महंगा पड़ सकता है। बजट के फौरन बाद लगा था कि मोबाइल फोन, एलईडी टीवी जैसे गैजट सस्ते होंगे, लेकिन थोड़ी देर बाद ही साफ होने लगा कि पिक्चर इसके उलट है।

नोकिया ने साफ संकेत दे दिए हैं कि मोबाइल हैंडसेटों के दाम बढ़ सकते हैं। नोकिया इंडिया के वीपी और एमडी डी. शिवकुमार का कहना है कि मोबाइल फोन के कंपोनेंट पर स्पेशल अडिशनल ड्यूटी के लिए साल भर की और राहत का हम स्वागत करते हैं, लेकिन सेंट्रल एक्साइज ड्यूटी में बढ़ोतरी महंगी पड़ सकती है। उनके मुताबिक इसकी वजह से मोबाइल फोन महंगे होंगे और ग्रे व अनब्रैंडेड मार्केट को बढ़ावा मिलेगा।

दरअसल सेंट्रल एक्साइज ड्यूटी के लोअर रेट को 4 फीसदी से बढ़ाकर पांच फीसदी कर दिया गया है। इसका असर मोबाइल फोन के दाम पर पड़ेगा। पिछले साल से जारी रियायत को इस बार भी बढ़ाने से दाम गिरने जैसा इफेक्ट दिखने के आसार नहीं हैं।

सैमसंग इंडिया के डिप्टी एमडी रविंदर जुत्शी का कहना है कि बजट इकॉनमी को और कंस्यूमर मार्केट को बढ़ावा देने वाला है। लेकिन सेक्टर के हिसाब से सीधे कोई फायदा नहीं दिया गया है। ऐसे में हमें लगता है कि कंस्यूमर इलेक्ट्रॉनिक्स बाजार में बजट की वजह से दाम नहीं गिरेंगे।

लेकिन एक्सपर्ट कहते हैं कि बाजार में मुकाबला इतना कड़ा है कि दाम बढ़ाने का जोखिम लेना आसान नहीं होगा। जी-फाइव इंटरनैशनल की ग्रुप कंपनी किंगटेक इलेक्ट्रॉनिक्स के एमडी अर्शित पाठक कहते हैं कि ‘ एक्साइज का रेट बढ़ने से प्रॉडक्ट की कीमत का बढ़ना तो तय है, अब यह कंपनियों पर है कि वे इसका कितना बोझ ग्राहकों पर डालती हैं। हम इस बढ़ोतरी को ग्राहकों पर नहीं डालेंगे। ‘ उनके मुताबिक, मैट को भी 18 से बढ़ाकर 18.5 फीसदी किया गया है जिसका असर ऑपरेटरों पर पडे़गा। अगर ऑपरेटर 3जी जैसी नई सेवाओं के विस्तार को टालेंगे तो फोन की बिक्री भी प्रभावित हो सकती है। हालांकि उन्होंने जीएसटी को जल्द लागू करने की घोषणा पर खुशी जताई। एयरफोन इंडिया के डायरेक्टर विशाल चित्कारा के मुताबिक एक फीसदी की बढ़ोतरी से ग्राहक पर ज्यादा फर्क नहीं पड़ेगा।

लावा इंटरनैशनल के को-फाउंडर व डाइरेक्टर एस. एन. राय का कहना है कि रिसर्च एंड डिवेलपमेंट को बढ़ावा दिए जाने के कदम से कंपनियां इस तरफ ज्यादा निवेश करेंगी। उनके मुताबिक ग्रामीण इलाकों के लिए बजट में किए गए उपाय वहां मोबाइल हैंडसेटों के लिए ज्यादा बड़े बाजार का रास्ता साफ करेंगे।

एलईडी टीवी नहीं होंगे सस्ते: इको फ्रेंडली प्रॉडक्ट्स को बढ़ावा देते हुए एलईडी पर एक्साइज ड्यूटी घटाकर पांच फीसदी कर दी गई है, जबकि सीवीडी को पूरी तरह हटा दिया गया है। इससे अनुमान लगाया जा रहा है कि एलईडी वाले टीवी सस्ते हो सकते हैं। अकाई इंडिया के एमडी प्रणय धाभाई का कहना है कि एलईडी लाइट इंडस्ट्री को इस कदम का सीधा फायदा होगा, पर जब आप बात टीवी सेट्स की करते हैं तो मुझे इसका असर वहां नजर नहीं आता। उनके मुताबिक भारत में एलईडी पैनल नहीं बनते हैं, इन्हें यहां पैनल के कंपोनेंट के तौर पर मंगाया जाता है। वैसे अच्छी खबर है कि लेजर और इंकजेट प्रिंटर पर कस्टम ड्यूटी 10 फीसदी से घटाकर पांच फीसदी कर दी गई है। इसका आपको फायदा हो सकता है।

Posted on Feb 28th, 2011
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Posted in :  व्यापार     
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