केन्द्रीय मंत्री पवन वंसल का घोटाला?

Font Size : अ- | अ+ comment-imageComment print-imagePrint

चंडीगढ़. केंद्रीय मंत्री पवन कुमार बंसल बूथ आवंटन घोटाले में घिरते नजर आ रहे है।  पूर्व एडीसी पीएस शेरगिल ने अपनी जांच रिपोर्ट में बंसल पर अंगुली उठाते हुए लिखा है  कि घोटाले में शामिल लोगों को केंद्रीय मंत्री का संरक्षण मिला हुआ था।

शेरगिल में  अपनी रिपोर्ट में एडवाइजर प्रदीप मेहरा की भूमिका पर भी सवालिया निशान उठाते हुए  कहा है कि उन्होंने चंडीगढ़ के सेक्टर 41 की बूथ मार्केट में अवैध कब्जों में शामिल  पुलिस अफसरों को भी बचाने का प्रयास किया था। यही नहीं प्रदीप मेहरा ने इसी मार्केट  में हुए झगड़े में बूथ घोटाले के आरोपियों की जमानत करने का भी प्रेशर डाला था। इन  सभी तथ्यों को ध्यान में रखते हुए बूथ घोटाले की जांच सीबीआई से करवानी चाहिए।  रिपोर्ट में ये सिफारिश की गई है।

जांच रिपोर्ट में शेरगिल द्वारा केंद्रीय मंत्री पवन कुमार बंसल और प्रदीप मेहरा के बूथ घोटाले के आरोपियों को संरक्षण देने की बात सामने आने पर प्रशासन के अफसरों के हाथ पांव भी फूले हुए है। रिपोर्ट में कांग्रेसी नेताओं द्वारा बूथ घोटाले में शामिल लोगों से चुनावी फंड लेने की बात की सीबीआई से जांच करवाने को कहा गया है। शेरगिल ने सेक्टर 41 की कृष्णा मार्केट में छापा मारकर अवैध कब्जे पाए थे। अपनी रिपोर्ट में उन्होंने डीएसपी विजयपाल तथा इंस्पेक्टर जनकराणा सहित दो अन्य पुलिस अफसरों के खिलाफ कार्रवाई की सिफारिश की थी। शेरगिल की रिपोर्ट के अनुसार प्रदीप मेहरा ने पुलिस अफसरों पर कोई कार्रवाई नहीं की।
बंसल का एडवाइजर पर प्रेशर
सेक्टर 41 की बूथ मार्केट में आरोपियों ने शिकायतकर्ता पर हमला किया था। इस पर शेरगिल ने आरोपियों की जमानत रद कर दी थी। रिपोर्ट के अनुसार एडवाइजर प्रदीप मेहरा ने शेरगिल को फोन करके आरोपियों की जमानत करने को कहा था। उन्होंने यह भी कहा था कि इस कदम से नेताजी बहुत नाराज है।

हर बार मेयर और बंसल के दरबार में फरियाद

रेहड़ी मार्केटों से लाखों रुपये चुनाव फंड के लिए एकत्रित हुए थे। यह फंड विभिन्न मार्केटों के प्रधान के साथ मिलकर एकत्रित किया जाता था। बूथ घोटाले में शामिल लोगों ने पूछताछ के दौरान कई बार पूर्व मेयर प्रदीप छाबड़ा तथा केंद्रीय मंत्री बंसल के पास जाकर शेरगिल की शिकायत की थी।

विजिलेंस की जांच दबाई
बूथ घोटाले की जांच प्रशासन ने पहले विजिलेंस से करवाई थी लेकिन विजिलेंस ने इस मामले में किसी प्रकार की गड़बड़ी नहीं पाई। शेरगिल ने अपनी रिपोर्ट में इसीलिए विजिलेंस की बजाय सीबीआई से इसकी जांच करवाने को कहा है।
इस मसले पर पूर्व मेयर प्रदीप छाबड़ा ने कहा कि एडीसी शेरगिल के खिलाफ क्रिमिनल डेफेमेशन का केस अदालत में दायर करेंगे। इसके अलावा शिवराज पाटिल को भी ज्ञापन देकर एडीसी की रिपोर्ट को वापस लेने की मांग की जाएगी। उन्होंने कहा कि चुनावों के लिए कोई फंड एकत्रित नहीं किया गया।

Posted on Mar 2nd, 2011
SocialTwist Tell-a-Friend
Posted in :  बड़ी खबर, भ्रस्टाचार     
Subscribe by Email

Leave a comment

Type Comments in Indian languages (Press Ctrl+g to toggle between English and Hindi OR just Click on the letter)


विदेश

राज्य

महिला

अपराध

ब्यूटी